• होम
  • सियासत
  • समाज
  • स्पोर्ट्स
  • सिनेमा
  • सोशल मीडिया
  • इकोनॉमी
  • ह्यूमर
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
होम
समाज

एक हनीमून वीडियो, जो पहलाज निहलानी वाली हदों को ध्‍यान में रखकर बनाया गया !

    • पारुल चंद्रा
    • Updated: 10 जुलाई, 2017 08:24 PM
  • 10 जुलाई, 2017 08:24 PM
offline
'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' की तरह ये वीडियो महिलाओं की यौन इच्छाओं पर है, इसमें ऑडियो पोर्नोग्राफी भी है. लेकिन फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' की तरह इसमें 'इंटरकोर्स' सेक्स या इससे मिलते जुलते शब्द का जिक्र तक नहीं किया गया है.

इस साल की सबसे कंट्रोवर्शियल फिल्म कौन सी है? तो जवाब है 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का'. शायद यही वो इकलौती फिल्म है जिसने सेंसर बोर्ड की नींद उड़ा कर रख दी है. यहां तक कि फिल्म को 'A' सर्टिफिकेट देने के बावजूद भी इस फिल्म के नाम पर लोग सेंसर बोर्ड को अपने-अपने तरीके से समझाने की कोशिश करने में लगे हैं. और मजे की बात ये है कि उनकी ये कोशिश काबिले तारीफ है.

इसी कड़ी में ब्लाश चैनल पर अभी कुछ दिन पहले ही रैपर और एक्टिविस्ट सोफिया अशरफ ने 'एडल्ट मूवी' के जरिए ये बात लोगों के सामने रखी कि क्यों माता-पिता का अपने बच्चों से सेक्स पर बात करना जरूरी है. तो इस बार ब्लश चैनल एक और कदम आगे बढ़कर एक वीडियो लाया है जिसमें एक बेटी अपनी मां के साथ अपने हनीमून के एक्सपीरियंस पर बात करती दिख रही है.

मां के साथ हनीमून के अनुभव बांट रही है बेटी

ये वीडियो खास है, क्योंकि 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' की तरह ये वीडियो महिलाओं पर फोकस्ड है, उनकी यौन इच्छाओं पर है, और इसमें ऑडियो पोर्नोग्राफी भी है. लेकिन फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' की तरह इसमें 'इंटरकोर्स' सेक्स या इससे मिलते जुलते शब्द का जिक्र तक नहीं किया गया है, फिर भी बात सारी महिलाओं की यौन इच्छाओं पर की जा रही है.

टाइटल है 'खाने में क्या है', पर बात हो रही है सेक्स पर 

वीडियो का नाम है 'खाने...

इस साल की सबसे कंट्रोवर्शियल फिल्म कौन सी है? तो जवाब है 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का'. शायद यही वो इकलौती फिल्म है जिसने सेंसर बोर्ड की नींद उड़ा कर रख दी है. यहां तक कि फिल्म को 'A' सर्टिफिकेट देने के बावजूद भी इस फिल्म के नाम पर लोग सेंसर बोर्ड को अपने-अपने तरीके से समझाने की कोशिश करने में लगे हैं. और मजे की बात ये है कि उनकी ये कोशिश काबिले तारीफ है.

इसी कड़ी में ब्लाश चैनल पर अभी कुछ दिन पहले ही रैपर और एक्टिविस्ट सोफिया अशरफ ने 'एडल्ट मूवी' के जरिए ये बात लोगों के सामने रखी कि क्यों माता-पिता का अपने बच्चों से सेक्स पर बात करना जरूरी है. तो इस बार ब्लश चैनल एक और कदम आगे बढ़कर एक वीडियो लाया है जिसमें एक बेटी अपनी मां के साथ अपने हनीमून के एक्सपीरियंस पर बात करती दिख रही है.

मां के साथ हनीमून के अनुभव बांट रही है बेटी

ये वीडियो खास है, क्योंकि 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' की तरह ये वीडियो महिलाओं पर फोकस्ड है, उनकी यौन इच्छाओं पर है, और इसमें ऑडियो पोर्नोग्राफी भी है. लेकिन फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' की तरह इसमें 'इंटरकोर्स' सेक्स या इससे मिलते जुलते शब्द का जिक्र तक नहीं किया गया है, फिर भी बात सारी महिलाओं की यौन इच्छाओं पर की जा रही है.

टाइटल है 'खाने में क्या है', पर बात हो रही है सेक्स पर 

वीडियो का नाम है 'खाने में क्या है', जिसे बहुत ही खूबसूरती से गढ़ा गया है. इस वीडियो में महिलाओं के यौन अधिकारों पर बात की गई है, और ये बताया गया है कि अपने पार्टनर के सामने अपनी यौन इच्छाएं कहने में कोई बुराई नहीं है.

एक बात तो है कि अगर सेक्स पर इस तरह से बात की जाएगी तो सेंसर बोर्ड को इसे पास करने में जरा भी आपत्ति नहीं होगी.

हो सकता है मां-बेटी के बीच इतनी दोस्ती लोगों को न पचे

हो सकता है कि कुछ लोगों को इस वीडियो से परेशानी हो क्योंकि यहां बात सेक्स पर की जा रही है और बातचीत मां और बेटी के बीच है, जो अमूमन नहीं होती. हां, ये बातचीत अगर दोस्तों या बहनों के बीच दिखाई जाती तो शायद समाज इसे आसानी से पचा लेता. पर सोचने वाली बात है जब लोग हर तरीके से ये समझाने की बात कर रहे हैं कि माता-पिता का अपने बच्चों से सेक्स पर बात करना जरूरी है, तो फिर एक बेटी अगर मां से सेक्स पर बात कर रही है तो इसमें गलत क्या है.

देखिए वीडियो-  

ये भी पढ़ें-

ये 'एडल्ट मूवी' पहलाज निहलानी के लिए करारा जवाब है

जब माता-पिता ने पहली बार अपने बच्चों से 'सेक्स' पर बात की...

सेक्स पर बात नहीं करने की सलाह देने वालों को ये मिला जवाब


इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

ये भी पढ़ें

Read more!

संबंधि‍त ख़बरें

  • offline
    आम आदमी क्लीनिक: मेडिकल टेस्ट से लेकर जरूरी दवाएं, सबकुछ फ्री, गांवों पर खास फोकस
  • offline
    पंजाब में आम आदमी क्लीनिक: 2 करोड़ लोग उठा चुके मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का फायदा
  • offline
    CM भगवंत मान की SSF ने सड़क हादसों में ला दी 45 फीसदी की कमी
  • offline
    CM भगवंत मान की पहल पर 35 साल बाद इस गांव में पहुंचा नहर का पानी, झूम उठे किसान
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today.

Read :

  • Facebook
  • Twitter

what is Ichowk :

  • About
  • Team
  • Contact
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today.
▲