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मोदी के कारण मध्‍यप्रदेश में 75 साल वाले 'मंत्रियों' की 'बगावत!

    • आईचौक
    • Updated: 06 जुलाई, 2016 08:40 PM
  • 06 जुलाई, 2016 08:40 PM
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अब जब मोदी कैबिनेट में उमरदराज नजमा हेपतुल्ला और कलराज मिश्र की छुट्टी नहीं हुई तो शिवराज सिंह चौहन को बाबूलाल गौर और सरताज सिंह से इस्तीफा मांगना कितना उचित था?

मंगलवार को मोदी कैबिनेट में विस्तार ने एमपी की राजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है. बमुश्किल चार दिन पहले हुए शिवराज कैबिनेट के विस्तार में राज्य के दो कद्दावर नेता बाबूलाल गौर और सरताज सिंह से उम्र का हवाला देते हुए मंत्री पद से इस्तीफा मांग लिया गया था. अब जब मोदी कैबिनेट में उमरदराज नजमा हेपतुल्ला और कलराज मिश्र की छुट्टी नहीं हुई तो एमपी के इन दो नेताओं की त्यौरियां चढ़ गईं.

उम्र का हवाला देकर मांगा था इस्तीफा

सरताज सिंह

30 जून को भोपाल में शिवराज कैबिनेट का विस्तार हुआ था. शपथ ग्रहण से पहले ही मध्य प्रदेश बीजेपी अध्य़क्ष नंदकुमार सिंह चौहान खुद बाबूलाल गौर और सरताज सिंह के घर पहुंचे थे और इस्तीफे का फरमान सुनाया था. इस्तीफे के पीछे आलाकमान की वो नीति बताई गई जिसके मुताबिक 75 साल से उपर के उम्र वालों को मंत्री पद नहीं दिया जाएगा. हालांकि इन दोनों मंत्रियों से इस्तीफा लेने में बीजेपी के पसीने छूट गए थे. आखिरकार दोनों को पार्टी के फरमान के सामने झुकना पड़ा था.

लेकिन मोदी कैबिनट में अपने हमउम्र नेताओं को देख प्रदेश के पूर्व मंत्री सरताज सिंह खुद को ठगा सा महसूस करने लगे। सरताज सिंह को अब पार्टी का फैसला ज़्यादती लगने लगा है. इसके साथ ही सरताज ने साफ कर दिया कि वो इस मसले पर चुप नहीं बैठेंगे और पार्टी आलाकमान से सवाल पूछेंगे कि क्या उन्हे हटाने का फैसला केंद्र से हुआ या फिर मध्य प्रदेश से. फोन पर बात करने पर सरताज फैसले से काफी आहत लगे. उन्होने इसे पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता के साथ धोखा बताया.

मंगलवार को मोदी कैबिनेट में विस्तार ने एमपी की राजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है. बमुश्किल चार दिन पहले हुए शिवराज कैबिनेट के विस्तार में राज्य के दो कद्दावर नेता बाबूलाल गौर और सरताज सिंह से उम्र का हवाला देते हुए मंत्री पद से इस्तीफा मांग लिया गया था. अब जब मोदी कैबिनेट में उमरदराज नजमा हेपतुल्ला और कलराज मिश्र की छुट्टी नहीं हुई तो एमपी के इन दो नेताओं की त्यौरियां चढ़ गईं.

उम्र का हवाला देकर मांगा था इस्तीफा

सरताज सिंह

30 जून को भोपाल में शिवराज कैबिनेट का विस्तार हुआ था. शपथ ग्रहण से पहले ही मध्य प्रदेश बीजेपी अध्य़क्ष नंदकुमार सिंह चौहान खुद बाबूलाल गौर और सरताज सिंह के घर पहुंचे थे और इस्तीफे का फरमान सुनाया था. इस्तीफे के पीछे आलाकमान की वो नीति बताई गई जिसके मुताबिक 75 साल से उपर के उम्र वालों को मंत्री पद नहीं दिया जाएगा. हालांकि इन दोनों मंत्रियों से इस्तीफा लेने में बीजेपी के पसीने छूट गए थे. आखिरकार दोनों को पार्टी के फरमान के सामने झुकना पड़ा था.

लेकिन मोदी कैबिनट में अपने हमउम्र नेताओं को देख प्रदेश के पूर्व मंत्री सरताज सिंह खुद को ठगा सा महसूस करने लगे। सरताज सिंह को अब पार्टी का फैसला ज़्यादती लगने लगा है. इसके साथ ही सरताज ने साफ कर दिया कि वो इस मसले पर चुप नहीं बैठेंगे और पार्टी आलाकमान से सवाल पूछेंगे कि क्या उन्हे हटाने का फैसला केंद्र से हुआ या फिर मध्य प्रदेश से. फोन पर बात करने पर सरताज फैसले से काफी आहत लगे. उन्होने इसे पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता के साथ धोखा बताया.

बाबूलाल गौर

बात यदि बाबूलाल गौर की करें तो वो इस मामले पर ज़्यादा कुछ बोलने से बचते दिखे. मंगलवार शाम को जब एमपी के पूर्व गृहमंत्री रह चुके बाबूलाल गौर से हमने बात की तो उन्होने उसपर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया लेकिन जिस तरह से कांग्रेस नेताओं से गौर इन दिनों अपने घर पर मिल रहे हैं इशारा ज़रूर मिल रहा है कि फैसले से गौर नाराज़ हैं. आपको बता दें कि गौर 10 बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं और एमपी के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते हैं.

कांग्रेस ने ली चुटकी

वहीं मोदी कैबिनेट के विस्तार पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए पूछा कि जिस तरह शिवराज कैबिनेट से उम्रदराज बताकर बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को हटाया गया वो फार्मूला केन्द्र ने क्यों नहीं अपनाया?

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता केके मिश्रा ने आरोप लगाया है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के दोनों मंत्रियों को हटाने के लिए उम्रदराज होने का सहारा जरूर लिया है, लेकिन सीएम शिवराज सिंह ने बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को व्यक्तिगत कुंठा और राजनैतिक असुरक्षा की भावना कि चलते हटाया है ना कि उम्रदराज होने के कारण.

कांग्रेस ने बुजुर्ग नेता का किया सम्मान

बीजेपी ने भले ही अपने दो मंत्रियों को उम्र का हवाला देकर मंत्रीमंडल से निकाल दिया हो लेकिन कांग्रेस ने मंगलवार को उसके पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता हजारीलाल रघुवंशी को उनके घर जाकर 87वे जन्मदिन की बधाई दी और सम्मान किया.

(रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट)

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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