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जीतें या हारें, चुनावी प्रचार से ट्रंप के आ गए ‘अच्छे दिन’

    • राहुल मिश्र
    • Updated: 15 अगस्त, 2016 04:25 PM
  • 15 अगस्त, 2016 04:25 PM
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क्या डोनाल्ड ट्रंप को बिजनेस इंटरेस्ट से किनारा करने की जरूरत है? अमेरिका का संविधान उनपर ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाता. और ट्रंप कह रहे हैं कि उनकी कंपनियों को फायदा मिलना शुरू हो गया है...

राष्ट्रपति पद की महज दौड़ में शामिल होने से रिपब्लिकन उम्मीदवार और कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप के अच्छे दिन आ गए हैं. ऐसा खुद ट्रंप का दावा है. वॉशिंगटन डीसी में ट्रंप के एक होटल पर हुए मुकदमें में अदालत को बताते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार कुल मिलाकर उनके कारोबार के लिए बहुत अच्छा रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप का दावा रहा है कि वह एक बहुत ही सफल बिजनेसमैन हैं. पिता से फैमिली बिजनेस की कमान मिलने के बाद ट्रंप ने उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का काम किया है. ट्रंप के जारी कागजातों के मुताबिक दुनियाभर में कम से कम 515 कंपनियां में वह पार्टनर, चेयरमैन, ट्रस्टी या सदस्य के तौर पर हैं. इनमें से ज्यादातर कंपनियां उनके रियल एस्टेट साम्राज्य से जुड़ी हैं जो अमेरिका के न्यूयार्क स्टेट से लेकर पनामा, इस्तानबुल, मुंबई, पुर्तोरिको और दुबई में फैला हुआ है.

इसे भी पढ़ें: अमेरिका में मुस्लिम विरोधी डोनाल्ड ट्रंप जीत गए तो...

अब सवाल है कि क्या राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने पर उन्हें अपने बिजनेस इंटरेस्ट से किनारा करने की जरूरत है? अमेरिका का संविधान उनपर इस तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाता. संविधान के मुताबिक चुनाव लड़कर किसी पब्लिक पोस्ट पर आने वाले शख्स पर कारोबार से किनारा करने का कोई प्रावधान नहीं है. इसी कानून का सहारा लेते हुए ट्रंप ने कभी मंशा नहीं जाहिर की कि राष्ट्रपति बनने के लिए वह अपना बिजनेस बेचना चाहते हैं या फिर उन बिजनेस में अपने शेयर्स को खत्म कर देंगे. बल्कि ट्रंप की दलील रही है कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनके बच्चे और उनकी कंपनी के मैनेजर्स बिजनेस की देखरेख करेंगे.

राष्ट्रपति पद की महज दौड़ में शामिल होने से रिपब्लिकन उम्मीदवार और कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप के अच्छे दिन आ गए हैं. ऐसा खुद ट्रंप का दावा है. वॉशिंगटन डीसी में ट्रंप के एक होटल पर हुए मुकदमें में अदालत को बताते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार कुल मिलाकर उनके कारोबार के लिए बहुत अच्छा रहा है.

डोनाल्ड ट्रंप का दावा रहा है कि वह एक बहुत ही सफल बिजनेसमैन हैं. पिता से फैमिली बिजनेस की कमान मिलने के बाद ट्रंप ने उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का काम किया है. ट्रंप के जारी कागजातों के मुताबिक दुनियाभर में कम से कम 515 कंपनियां में वह पार्टनर, चेयरमैन, ट्रस्टी या सदस्य के तौर पर हैं. इनमें से ज्यादातर कंपनियां उनके रियल एस्टेट साम्राज्य से जुड़ी हैं जो अमेरिका के न्यूयार्क स्टेट से लेकर पनामा, इस्तानबुल, मुंबई, पुर्तोरिको और दुबई में फैला हुआ है.

इसे भी पढ़ें: अमेरिका में मुस्लिम विरोधी डोनाल्ड ट्रंप जीत गए तो...

अब सवाल है कि क्या राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने पर उन्हें अपने बिजनेस इंटरेस्ट से किनारा करने की जरूरत है? अमेरिका का संविधान उनपर इस तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाता. संविधान के मुताबिक चुनाव लड़कर किसी पब्लिक पोस्ट पर आने वाले शख्स पर कारोबार से किनारा करने का कोई प्रावधान नहीं है. इसी कानून का सहारा लेते हुए ट्रंप ने कभी मंशा नहीं जाहिर की कि राष्ट्रपति बनने के लिए वह अपना बिजनेस बेचना चाहते हैं या फिर उन बिजनेस में अपने शेयर्स को खत्म कर देंगे. बल्कि ट्रंप की दलील रही है कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनके बच्चे और उनकी कंपनी के मैनेजर्स बिजनेस की देखरेख करेंगे.

 डोनाल्ड ट्रंप

अब भले संविधान में राष्ट्रपति के लिए बिजनेस इंटरेस्ट खत्म करने की कोई बाध्यता न हो. हालांकि अबतक इस दौड़ में शामिल हुए सभी उम्मीदवारों का मानना रहा है कि ऐसा करना बेहतर होता है. इससे राष्ट्रपति पद पर रहते हुए कभी भी उनपर निजी फायदा उठाने का आरोप लगने की गुंजाइश कम हो जाती है. गौरतलब है कि 2012 के चुनावों में शामिल होने से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रॉमनी ने अपने पूरे बिजनेस को एक ब्लाइंड ट्रस्ट के हवाले कर दिया था. इसी तर्ज पर राष्ट्रपति रहे रोनाल्ड रीगन, जॉर्ज डब्लू बुश, बिल क्लिंटन और जॉर्ज एच डब्लू बुश ने भी अपने बिजनेस को ट्रस्ट के हवाले कर दिया था.

इसे भी पढ़ें: बलात्कार का ये आरोप महज डोनाल्ड ट्रंप को हराने के लिए?

अब सवाल डोनाल्ड ट्रंप का. ट्रंप का दावा है कि बीते एक साल से राष्ट्रपति पद के लिए प्रचार-प्रसार से उनकी कंपनियों को फायदा हो रहा है. फायदा क्यों हो रहा है? इसपर ट्रंप का अंदाजा है कि बिजनेस जगत में रहते हुए राजनीति से ताल्लुक रखने का सीधा फायदा बिजनेस ब्रांड को मिलता है. और उनकी मंशा बिलकुल साफ है कि राष्ट्रपति पद पर बैठने के बाद भी वह अपने ब्रांड को अपने बच्चों के नेतृत्व में बढ़ता देखेंगे.

ट्रंप 70 साल के हो चुके हैं. अभीतक वह एक बड़ा प्रॉफिट कमाने वाले बिजनेसमैन के तौर पर जाने जाते रहे हैं. राष्ट्रपति बन जाने की स्थिति में भी अपने कारोबार को लेकर वह बदलना नहीं चाहते. इसीलिए कंपनी के एक मुकदमें में उन्होंने साफ-साफ कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उनकी कंपनियों को फायदा पहुंच रहा है. अब राष्ट्रपति बनने की स्थिति में उनकी कंपनियों की ग्रोथ कितने गुना बढ़ती है ये तो आने वाला वक्त बताएगा, फिलहाल एक बात तो साफ हो चुकी है कि चुनाव नतीजों से पहले उनके अच्छे दिन आ चुके हैं.

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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