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1 जनवरी को 67,385 बच्चों का जन्म! बधाई तो बनती है लेकिन जरा संभल के...

    • बिलाल एम जाफ़री
    • Updated: 03 जनवरी, 2020 04:18 PM
  • 03 जनवरी, 2020 04:18 PM
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साल 2020 India के लिए इसलिए भी खास रहा है क्योंकि बढ़ती हुई आबादी के बीच इस दिन भारत में 67,385 बच्चों ने जन्म लिया है. बात अगर चीन की हो तो चीन यूनिसेफ की इस लिस्ट में दूसरे और पाकिस्तान चौथे नंबर पर है.

सोशल मीडिया के इस दौर में हम लोगों की अपनी समस्याएं हैं. बात मैं अपनी करूं तो फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर 'मितरों' की ठीक ठाक संख्या है तो दिन भर नोटिफिकेशन भी खूब आते हैं. नए साल का पहला दिन था तो उसपर भी तमाम नोटिफिकेशन. इंस्टाग्राम और ट्विटर पर मामला फिर भी डिसेंट था मगर फेसबुक और व्हाट्सएप! क्या ही कहूं. इनबॉक्स बधाई संदेशों के अलावा फूल पत्तियों चॉकलेट और टेडी बियर की तस्वीरों से भरा था. स्पैम फोल्डर में भी तमाम मैसेज थे जिनमें लोगों ने न्यू ईयर विश किया. मैं उनका रिप्लाई नहीं कर पाया हूं. यदि मैं रिप्लाई करने बैठूं तो शायद मुझे दफ्तर से एक दिन की छुट्टी लेनी पड़े. फेसबुक पर न्यू ईयर विश के नोटिफिकेशन लगातार आ रहे थे और इसमें भी मजेदार था लिस्ट के करीब 190 लोगों का बर्थडे. फेसबुक बता रहा था कि लिस्ट के 190 लोग, सब के सब 1 जनवरी को पैदा हुए हैं. अब खुद सोचिये आदमी न्यू ईयर की बधाई अलग दे और बर्थडे अलग विश करे. खुद बताइए क्या भागमभाग भरी इस जिंदगी में किसी के पास इतना वक़्त है कि वो न्यू ईयर और बर्थ डे की बधाई लोगों को देता फिरे? जवाब साफ़ है नहीं. बात न्यू ईयर और बर्थडे पर चली है तो बता दें कि न्यू ईयर पर बच्चों के जन्म पर यूनिसेफ ने कुछ दिलचस्प आंकड़े पेश किये हैं. यूनिसेफ ने 1 जनवरी 2020 को दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों की अनुमानित संख्या बताई है. रिपोर्ट के अनुसार, नए साल के पहले दिन दुनिया में 3,92,078 बच्चों ने जन्म लिया. इनमें भी सबसे ज्यादा 67,385 बच्चे भारत में पैदा हुए.

बढ़ती जनसंख्या के बीच भारत ने बच्चों के जन्म के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है

रिपोर्ट में 46,299 बच्चों के जन्म के साथ चीन दूसरे नंबर पर है. तीसरा नंबर नाइजीरिया का है जहां 26,039 बच्चों ने जन्म लिया. चौथे पायदान पर 16,787...

सोशल मीडिया के इस दौर में हम लोगों की अपनी समस्याएं हैं. बात मैं अपनी करूं तो फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर 'मितरों' की ठीक ठाक संख्या है तो दिन भर नोटिफिकेशन भी खूब आते हैं. नए साल का पहला दिन था तो उसपर भी तमाम नोटिफिकेशन. इंस्टाग्राम और ट्विटर पर मामला फिर भी डिसेंट था मगर फेसबुक और व्हाट्सएप! क्या ही कहूं. इनबॉक्स बधाई संदेशों के अलावा फूल पत्तियों चॉकलेट और टेडी बियर की तस्वीरों से भरा था. स्पैम फोल्डर में भी तमाम मैसेज थे जिनमें लोगों ने न्यू ईयर विश किया. मैं उनका रिप्लाई नहीं कर पाया हूं. यदि मैं रिप्लाई करने बैठूं तो शायद मुझे दफ्तर से एक दिन की छुट्टी लेनी पड़े. फेसबुक पर न्यू ईयर विश के नोटिफिकेशन लगातार आ रहे थे और इसमें भी मजेदार था लिस्ट के करीब 190 लोगों का बर्थडे. फेसबुक बता रहा था कि लिस्ट के 190 लोग, सब के सब 1 जनवरी को पैदा हुए हैं. अब खुद सोचिये आदमी न्यू ईयर की बधाई अलग दे और बर्थडे अलग विश करे. खुद बताइए क्या भागमभाग भरी इस जिंदगी में किसी के पास इतना वक़्त है कि वो न्यू ईयर और बर्थ डे की बधाई लोगों को देता फिरे? जवाब साफ़ है नहीं. बात न्यू ईयर और बर्थडे पर चली है तो बता दें कि न्यू ईयर पर बच्चों के जन्म पर यूनिसेफ ने कुछ दिलचस्प आंकड़े पेश किये हैं. यूनिसेफ ने 1 जनवरी 2020 को दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों की अनुमानित संख्या बताई है. रिपोर्ट के अनुसार, नए साल के पहले दिन दुनिया में 3,92,078 बच्चों ने जन्म लिया. इनमें भी सबसे ज्यादा 67,385 बच्चे भारत में पैदा हुए.

बढ़ती जनसंख्या के बीच भारत ने बच्चों के जन्म के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है

रिपोर्ट में 46,299 बच्चों के जन्म के साथ चीन दूसरे नंबर पर है. तीसरा नंबर नाइजीरिया का है जहां 26,039 बच्चों ने जन्म लिया. चौथे पायदान पर 16,787 बच्चों के साथ पाकिस्तान और पांचवे नंबर पर 13,020 बच्चों के साथ इंडोनेशिया था. बताया जा रहा है कि नए साल में पैदा हुए 50 फीसद बच्चों की संख्या इन्हीं देशों से है.  रिपोर्ट में दिलचस्प बात ये भी है कि पहला बच्चा जहां फिजी में पैदा हुआ तो वहीं साल के पहले दिन पैदा होने वाला बच्चा अमेरिका में पैदा हुआ.

क्योंकि हम खुद भारतीय है और बच्चा पैदा करने वाली इस लिस्ट में भारतीयों ने टॉप किया है तो अब जो बात होगी वो भारत के अंतर्गत होगी. साल 2020 में भारत में  67,385 बच्चे हुए हैं. यदि इस संख्या को ध्यान में रखें और साल के बचे 364 दिनों से गुणा करें तो पता चलता है कि 31 दिसंबर 2020 तक इस औसत के हिसाब से इस देश में 2.5 करोड़ बच्चे जन्म लेंगे. मतलब ये हुआ कि देश के प्रधानमंत्री अपनी किसी स्पीच में जब 'मेरे प्यारे देश वासियों मेरे सवा सौ करोड़ भाइयों बहनों करेंगे तो उन्हें कैलकुलेशन की एक्सरसाइज फिर से करनी होगी और करते ही रहनी होगी.

देश कोई भी हो जनसंख्या विस्फोट एक बड़ी समस्या है. समस्या कितनी बड़ी है भारत के लिस्ट में टॉप करने ने बता दिया है. परेशानी किसी को पैदा हो रहे बच्चों से नहीं है मगर सवाल ये है कि क्या इतने संसाधन हैं हमारे पास जो हम इन पैदा हो रहे बच्चों का हम या हमारी सरकार हला भला कर पाएं ? जवाब खुद दीजिये.

बाकी बात मैंने फेसबुक से शुरू की थी. कल जब ये बच्चे बड़े होंगे अपनी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाएंगे और उसमें अपने हैप्पी बर्थ डे के रूप में पहली जनवरी डालेंगे तो कितने लोग इन्हें अपनी व्यस्त दिनचर्या में से समय निकाल कर विश करेंगे सवाल इसपर होना चाहिए. और हां वो माता पिता जिन्होंने डॉक्टर की मदद से साल के पहले दिन बच्चे पैदा किये हैं यही वो लोग हैं जो इन बच्चों को विश न किये जाने के लिए जिम्मेदार हैं. ईश्वर इनका हिसाब अलग लाइन में करेगा.

बहरहाल भले ही बात इतनी जनसंख्या के बीच बच्चे पैदा कर फर्स्ट आने की हुई है तो उन तमाम परिवारों को बधाई जिनके घर साल के पहले ही दिन किल कारी गूंजी और जिनके न्यू ईयर का मजा दोगुना हुआ.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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