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फिर होगी पाकिस्तान की 'इंटरनेशनल बेइज्जती', जानिए कैसे

    • मोहित चतुर्वेदी
    • Updated: 24 मई, 2017 05:33 PM
  • 24 मई, 2017 05:33 PM
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सऊदी अरब में बेइज्जती के बाद अब डोनाल्ड ट्रम्प ने उनकी फिर बेइज्जती करने का प्लान बना लिया है. अगर ऐसा हुआ तो पाक शर्मिंदा नहीं, बल्कि रोएगा...

कुछ दिन पहले सऊदी अरब में इस्लामिक समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मौजूदगी में नवाज शरीफ को मंच पर बोलने के लिए बुलाया भी नहीं गया. जिससे पाकिस्तान के नेता इमरान खान और मीडिया ने पीएम नवाज की जमकर आलोचना की.

बताया गया था कि मंच पर बोलने के लिए नवाज बकायदा भाषण की रिहर्सल करके गए थे. ट्रंप ने भी अपने भाषण में भारत, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर आतंकवाद के घातक परिणामों का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने एक भी बार पाकिस्तान का नाम नहीं लिया. जिससे पाकिस्तान की डबल बेइज्जती हो गई. उसको उम्मीद थी कि आतंकवाद का खात्मा करने में पाक की भूमिका का भी जिक्र किया जाएगा. डोनाल्ड ट्रम्प अब पाकिस्तान पर ऐसे लगाम लगाने जा रहा है जिससे और नीचे गिर जाएगा.

ऐसे होगी इंटरनेशनल बेइज्जती

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कांग्रेस के समक्ष अपने वार्षिक बजट में प्रस्ताव दिया है कि पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए दिए जाने वाले अनुदान को कर्ज में तब्दील कर देना चाहिए. हालांकि ट्रंप प्रशासन ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय विदेश मंत्रालय पर छोड़ा है. बता दें, पाकिस्तान के अलावा भी बाकी देश हैं जिनको अमेरिका सैन्य उपकरणों को अनुदान में देता आ रहा है. अगर विदेश मंत्रालय इस फैसले को हरी झंडी दिखा देता है तो पाकिस्तान समेत कई देशों का अनुदान कर्ज में तब्दील हो जाएगा.

इससे क्या होगा फायदा

इस कदम को ट्रंप प्रशासन की ओर से विदेशी मदद के बजट कम करने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि अमेरिकी सेना के बढ़े हुए खर्च को पूरा करने में...

कुछ दिन पहले सऊदी अरब में इस्लामिक समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मौजूदगी में नवाज शरीफ को मंच पर बोलने के लिए बुलाया भी नहीं गया. जिससे पाकिस्तान के नेता इमरान खान और मीडिया ने पीएम नवाज की जमकर आलोचना की.

बताया गया था कि मंच पर बोलने के लिए नवाज बकायदा भाषण की रिहर्सल करके गए थे. ट्रंप ने भी अपने भाषण में भारत, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर आतंकवाद के घातक परिणामों का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने एक भी बार पाकिस्तान का नाम नहीं लिया. जिससे पाकिस्तान की डबल बेइज्जती हो गई. उसको उम्मीद थी कि आतंकवाद का खात्मा करने में पाक की भूमिका का भी जिक्र किया जाएगा. डोनाल्ड ट्रम्प अब पाकिस्तान पर ऐसे लगाम लगाने जा रहा है जिससे और नीचे गिर जाएगा.

ऐसे होगी इंटरनेशनल बेइज्जती

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कांग्रेस के समक्ष अपने वार्षिक बजट में प्रस्ताव दिया है कि पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए दिए जाने वाले अनुदान को कर्ज में तब्दील कर देना चाहिए. हालांकि ट्रंप प्रशासन ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय विदेश मंत्रालय पर छोड़ा है. बता दें, पाकिस्तान के अलावा भी बाकी देश हैं जिनको अमेरिका सैन्य उपकरणों को अनुदान में देता आ रहा है. अगर विदेश मंत्रालय इस फैसले को हरी झंडी दिखा देता है तो पाकिस्तान समेत कई देशों का अनुदान कर्ज में तब्दील हो जाएगा.

इससे क्या होगा फायदा

इस कदम को ट्रंप प्रशासन की ओर से विदेशी मदद के बजट कम करने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि अमेरिकी सेना के बढ़े हुए खर्च को पूरा करने में मदद मिल सके. इससे फायदा तो जरूर अमेरिका को होगा. लेकिन पाकिस्तान की कमर टूट जाएगी. बता दें, अमेरिका ये अनुदान जॉर्ज बुश के समय से दे रहा है.

जब 9/11 अटैक हुआ था और अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में डेरा डालकर बैठे थे तो अमेरिका के कहने पर पाक उनकी मदद कर रहा था. जिसके बदले में अमेरिका उसको अनुदान देता रहा है. पाकिस्तान अमेरिका के साथ-साथ चीन से भी मदद लेता है. जिससे अमेरिका भी अंजान नहीं है. इस फैसले को इससे जोड़कर भी देखा जा सकता है. कुल मिलाकर सऊदी अरब में बेइज्जती होने के बाद अब अमेरिका फिर उसकी इंटरनेशनल बेइज्जती कर सकता है.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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