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 |  4-मिनट में पढ़ें  |   16-07-2017
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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ट्रैवेल किसे नहीं पसंद. कौन नहीं चाहता कि वो नए - नए डेस्टिनेशन देखे. अब तक आपने ट्रैवेल समूह में ही किया होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि हमको यही बताया जाता है कि अगर समूह में ट्रैवेल किया जाये तो इससे एक तरफ जहां पैसे की बचत होती है तो वहीं दूसरी तरफ आदमी सुरक्षित भी रहता है.

प्रायः ये देखा जाता है कि आप घूमने हमेशा अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या हमजोलियों के साथ ही जाते हैं. अपने करीबियों के साथ हमेशा घूमने जाने का एक विशेष कारण ये है कि इन सभी लोगों का ट्रैवेल के प्रति नजरिया कुछ हद तक आपसे मिलता जुलता होता है. इन सब के ठीक विपरीत आज कई लोग ऐसे भी हैं जो अकेले ट्रैवेल करना ज्यादा पसंद करते हैं.

अकेले ट्रैवेल करने के कई प्रमुख कारण हैं और जीवन में एक बार अवश्य ही आपको अकेले ट्रैवेल करना चाहिए. आज हम आपको बताने जा रहे हैं वो टिप्स जिनको अपना कर आप अपनी अकेले की जा रही यात्रा को सुखद बना सकते हैं.

ट्रेवल, घूमना, सोलो ट्रेवलिंगघूमना किसे नहीं पसंद, परन्तु ये तब और अधिक मजेदार रहता है जब व्यक्ति अकेले घूमे

नए - नए लोगों से होती है मुलाकात, बनते हैं नए दोस्त

जब भी आप किसी नयी जगह पर जाते हैं, तो आपकी मुलाकात नए लोगों से होती है, और आप उनसे ढेरों बात करते हैं. आप उन्हें जानना चाहते हैं, उनकी सभ्यता और संस्कृति को समझना चाहते हैं. किसी भी नयी जगह को समझने एक लिए अकेले यात्रा करने से बेहतर कुछ नहीं है.

अपनी स्वतंत्रता का मज़ा लीजिये

जब भी आप अकेले यात्रा करते हैं तो आप पूर्णतः स्वतंत्र होते हैं. आपके ऊपर किसी भी तरह की कोई रोक टोक, कोई बंदिश नहीं होती है. ऐसे में आप अपने निर्णय खुद ले सकते हैं. कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि अकेले ट्रैवेल करने से आप एक आलौकिक स्वतंत्रता का अनुभव करते हैं.

डर के आगे जीत

जी हां बिलकुल सही सुना आपने, अकेले यात्रा करने से आप अपने डर को जीतते हैं. शायद इस बात को पढ़ने के बाद आप थोडा कंफ्यूज हो जाएं, तो चलिए आपकी मुश्किल आसान करते हैं. प्रायः ये देखा जाता है कि जब भी कभी व्यक्ति अकेले यात्रा करता है तो उसे अपने मार्ग में कई सारे चैलेंज मिलते हैं और उसे वहां एडजस्टमेंट करना होता है. तो यदि आप अपने चैलेंज के साथ एडजस्ट होना सीख लेते हैं तो समझ लीजिये आपने बहुत कुछ हासिल कर लिया.

कई बार देखा जाता है कि आप किसी ऐसी जगह पर होते हैं, जिसकी जानकारी आपको नहीं होती न ही आप वहां की भाषा और लोगों को जानते हैं. ऐसे में डर का घर कर जाना लाज़मी है. बार बार अकेले यात्रा करने से आप इन सारे डरों को जीतते हैं.

अपने आपको संतुष्ट करिये

जब भी आप अकेले यात्रा करें तो अपनी जरूरतों के अलावा किसी बात की चिंता न करिये. आप अपने आपके लिए समय निकालिये. अपने लिए एक छोटा सा ब्रेक लीजिये और निकल जाइये खुद को पैम्पर करने.याद रखिये आपको घर आने से पहले सभी चिंताओं से मुक्त होना है.  

करिये एक नयी पहल की शुरुआत

अपने आपको परिवर्तित करने से बड़ा कोई परिवर्तन नहीं है. मान लीजिये आप अपने आपको बदलना चाह रहे हों मगर आपके जीवन में कई ऐसे कारण होते हैं जो आपको परिवर्तित नहीं होने देते. बहरहाल आप अकेले यात्रा करिये और ऐसा करके अपने अंदर एक सकारात्मक बदलाव को महसूस करिये. हमारा दावा है आपको आपकी प्राप्ति होगी.

भूल जाइये अतीत को

जो लोग अपने अतीत पर रोते हैं, अपनी असफलताओं को लिए बैठे रहते हैं उनके लिए अकेले ट्रैवेल से बेहतर कुछ नहीं है. याद रखिये पिछली बातों पर रोने उनपर आंसू बहाने से कोई फायदा नहीं है. अब समय बदलाव का है एक नयी ऊर्जा को अपने अंदर लेने का है. अपने अतीत को भूलिए और वर्त्तमान पर ध्यान दीजिये. अपनी नयी यात्रा की शुरुआत अपने आप से कीजिये. अब समय है बदल डालिये खुद को. आज ही अकेले निकल पड़िये किसी नए स्थान की यात्रा पर और करिये अपनी लाइफ को एन्जॉय.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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