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Updated: 25 जुलाई, 2016 03:31 PM
धर्मेन्द्र कुमार
धर्मेन्द्र कुमार
  @dharmendra.k.singh.167
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चोट के बाद टेस्ट में वापसी करना कई बार तेज गेंदबाजों के लिए आसान नहीं होता. लेकिन लगता है कि मोहम्मद शमी इसे गलत साबित करते दिख रहे हैं. कोई दो राय नहीं कि वेस्टइंडीज़ की पहली पारी में शमी ने टॉप ऑर्डर के 4 बल्लेबाजों को आउट कर टेस्ट क्रिकेट में जोरदार वापसी की है.

यहां गौर करने वाली बात ये है कि शमी बिल्कुल नए अवतार में दिख रहे हैं. पहले से छोटा मगर सधा हुआ रन अप, गेंदों में पहले से ज्यादा बाउंस और सटिक लाइन लेंथ. एंटिगा में शमी के इस नए अवतार का वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था. खास बात ये है कि शमी की सधी हुई लाइन लेंथ की वजह से चारों शिकार विकेट के पीछे कैच देने पर मजबूर हुए. कह सकते हैं कि शमी के कमबैक से टीम इंडिया की गेंदबाजी को नई लाइफलाइन मिल गई है.

एक साल, 6 महीने 13 दिन बाद टेस्ट विकेट!

एंटिगा टेस्ट में शमी ने जब पहली पारी में राजेंद्र चंद्रिका को आउट किया तो एक बड़ा दिलचस्प आंकड़ा सामने आया. शमी को इस टेस्ट विकेट के लिए एक साल 6 महीने और 13 दिन का इंतजार करना पड़ा. वर्ल्ड कप 2015 के बाद से ही शमी क्रिकेट मैदान से बाहर हो गए थे. उसके बाद उन्हें फिट होने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा.

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इस साल IPL में तो वो खेले मगर तब तक 100 फीसदी फिट नहीं हो पाए थे. फिर भी वर्ल्ड टी 20 टीम में उनको चुना गया हालांकि यहां वो एक भी मैच नहीं खेल सके. इस लिहाज से ये भी गौर करने वाली बात है कि 26 मार्च 2015 के वर्ल्ड कप मैच के बाद शमी ने एंटिगा में पहली बार कोई इंटनेशनल मैच खेला

लौट आया शमी का आत्मविश्वास!

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में जो प्रदर्शन शमी ने किया वो ये भी साबित करता है कि वे फिट होकर ही नहीं हैं बल्कि आत्मविश्वास से भरपूर हो कर मैदान पर लौटे हैं. वैसे ये भी दिलचस्प है कि 6 नंवबर 2013 को शमी ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ ही टेस्ट में डेब्यू किया था. कोलकाता में खेले गए उस टेस्ट में तब शमी ने सैमुअल्स को दोनों ही पारियों में अपना शिकार बनाया था. सैमुअल्स शायद उन लम्हों को भूल नहीं पाए थे.

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 एंटिगा टेस्ट में मोहम्मद शमी

एंटिगा टेस्ट की पहली पारी में सैमुअल्स शमी के नए अवतार से और भयभीत थे और उन्होंने बचने की बहुत कोशिश की मगर 16 गेंद के बाद ही वेस्ट इंडीज की मौजूदा टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज को शमी ने पवेलियन लौटने पर मजबूर कर दिया.

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इसलिए, ये कहना गलत नहीं होगा कि अपने इस कमबैक टेस्ट में शमी पूरी तरह पास ही नहीं हुए बल्कि टीम इंडिया की गेंदबाजी के पुल को और मजबूत बना दिया. जिस गेंदबाजी की मुसीबत को ढोते ढोते धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया अब वो विराट के साथ खत्म होती दिख रही है.

लेखक

धर्मेन्द्र कुमार धर्मेन्द्र कुमार @dharmendra.k.singh.167

लेखक आजतक स्पोर्ट्स डेस्क में एसोसिएट एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर हैं.

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