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समाज

 |  4-मिनट में पढ़ें  |   07-09-2016

राधे-राधे, राधे श्याम, राम चंद्र, इंद्र भगवान, राम राम जैसे शब्द साधु संतों की जुबान से सुनने को मिलते रहे हैं. लेकिन बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराबियों की जुबां से ऐसे शब्द सुनने को मिलने लगे हैं. इसका मतलब यह कदापि नही कि शराबियों का शराब से मोह भंग हो गया. बल्कि वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए शराब के विभिन्न ब्रांडों का नाम का ही भगवानीकरण कर दिया है. ताकि ऐसे शब्दों का प्रयोग बड़ी ही सहजता से किया जा सके. लोगों को इसकी भनक तक नही लग सके.

बिहार में शराबियों, दलालों और घर घर शराब पहुंचाने वालों के बीच यह नाम काफी लोकप्रिय है. भगवान के नाम पर शराबों की व्यापक पैमाने पर तस्करी हो रही है. दरअसल, शराबियों की जुबान से भगवान का नाम सुनने को मिलने लगी तब उत्सुकता जगी क्या शराबियों ने सचमुच में भक्ति का मार्ग अपना लिया है. इस बारे में जब जानकारी जुटाई तब पता चला भगवान का नाम शराब तस्कर अपने कवच के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. इन शब्दों का प्रयोग कर शराबियों और कारोबारियों के बीच शराब के कारोबार किए जा रहे हैं.

ब्रांड एंबेसडर भगवान

आमतौर पर शराबियों और कारोबारियों के बीच बातचीत की शुरुआत राधेकृष्ण राधेकृष्ण से होती है. उसके बाद शराब के ब्रांडों के लिए भगवान के नाम का जिक्र किया जाता है. राधे श्याम यानि रॉयल स्टैग, राम चंद्र यानि रॉयल चैलेंज, इंद्र भगवान यानि इंपीरियल ब्लू, राम यानि रम के नाम से बात की जाती है. यही नहीं, बिहार पुलिस का नाम भी शराब के ब्रांड के तौर पर लिया जा रहा है. बिहार पुलिस यानि ब्लेंडर प्राइड. ऐसे कई नाम है जो शराबियों के बीच मशहूर है.

ऐसे चल रहा कारोबार

दरअसल, शराबबंदी के बाद बिहार में अवैध शराब का कारोबार तेजी से पनप रहा है. बिहार के सीमाई इलाकों, झारखंड, यूपी और नेपाल से व्यापक पैमाने पर शराब की तस्करी हो रही है.

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शराब की तस्करी में कोई परेशानी न हो इसलिए इस तरह का नाम दिया गया है. बताया जाता है कि बाहर से आनेवाले शराबों की बिक्री दो गुणा और तीन गुणा दामों पर की जा रही है.

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पहले खुलेआम, अब भगवान के नाम पर...

घर पर डिलीवरी करने के लिए अतिरिक्त 50-100 रुपए भुगतान करने पड़ते हैं. बाजार में फिलहाल रॉयल स्टैग, इम्पीरियल ब्लू, रॉयल चैलेंज, ब्लेंडर प्राइड, मैकडॉवेल नम्बर वन, बैग पाइपर की तस्करी चरम पर है. रम की बिक्री कम बतायी जा रही है, चूंकि इसकी खपत जाड़े में ज्यादा होती है.

पुलिस सख्ती के बाद भी

पांच माह में 85171 छापेमारी हुई है. अप्रैल से अगस्त तक कुल 13190 मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें 13839 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जबकि 13805 को जेल भेजा जा चुका है. सरकारी आंकड़े के मुताबिक, 92291 लीटर देसी शराब, 26524 लीटर स्प्रिट, जबकि 11679 लीटर विदेशी और 9763 लीटर बीयर जब्त किया गया है.

सौदे की बातचीत

[1]

शराबी - राधे राधे, क्या हाल है? आपके राधे श्याम जी मुलाकात करना चाहते थे, कैसे होगा?

कारोबारी - ठीक ठाक हैं. समय बताइए, कब मिलना है, कहां मिलना है? भेज देंगे.

शराबी - पांच बजे शाम में. घर पर ही रहेंगे.

कारोबारी- ठीक हैं भेज देंगे.

[2]

शराबी - क्या हाल है? कैसा मौसम है? इंद्र भगवान बरस रहे हैं.

कारोबारी - यहां इंद्र भगवान की पूरी कृपा है. जलमग्न है. आप कहें तो आपको भी इंद्र भगवान से दर्शन करा दें.

शराबी - इस सुखाड़ में इंद्र भगवान का दर्शन हो जाता तब बढ़िया था.

कारोबारी - ठीक है. आप भी इंद्र भगवान का मजा लीजिए. भेजते हैं उनको.

[3]

शराबी - राधे राधे. क्या हाल है, आपके दुकान का. कौन कौन भगवान की मूर्ति है? मैं भी घर के लिए एक भगवान की मूर्ति मंगवाना चाह रहा हूं.

कारोबारी - सभी भगवान हैं. रामचंद्र हैं. इंद्र भगवान हैं. राधे श्याम हैं. जिस भगवान के बारे में बताइए. पुजारी को भेज देंगे.

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शराबी - राम चंद्र जी की मूर्ति भेज दीजिए.

कारोबारी - ठीक है.

[4]

शराबी - इंसपेक्टर साहब प्रणाम. आपके बिहार पुलिस का क्या हाल है. मुलाकात करना था. कुछ काम है.

कारोबारी (इंसपेक्टर के रूप में) - ठीक है. भेज देते हैं. बात कर लीजिएगा.

शराबी - ठीक है इंतजार करेंगे.

लेखक

अशोक प्रियदर्शी अशोक प्रियदर्शी @ashok.priyadarshi.921

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं

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