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Updated: 11 जुलाई, 2019 10:42 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
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भारत में क्रिकेट एक धर्म हैं. भारतीय क्रिकेट की पूजा करते हैं. ICC World Cup 2019 के सेमी फाइनल में न्यूजीलैंड के साथ हुए इस मैच में जिस शर्मनाक हार का सामना टीम इंडिया को करना पड़ा, उसके बाद इस हार का ठीकरा अलग अलग लोगों के सिर पर फोड़ा जा रहा है. पूर्व कप्तान और वर्तमान में टीम इंडिया के विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. धोनी को लेकर क्रिकेट प्रेमी दो वर्गों में विभाजित हो गए हैं. एक वर्ग वो है जो ये मानता है कि धोनी के चलते ही स्कोर उस मुकाम पर पहुंचा जहां भारत की किरकिरी कम हुई वहीं एक वर्ग वो है जिसे तारीफों से कोई मतलब नहीं है. ये वर्ग अब धोनी को टीम इंडिया में नहीं देखना चाहता और इसका मानना है कि धोनी को रिटायर हो जाना चाहिए. धोनी को लेकर मशहूर प्लेबैक सिंगर लता मंगेशकर ने भी ट्वीट किया है.

महेंद्र सिंह धोनी, लता मंगेशकर, रिटायर, टीम इंडिया, MS Dhoni जिस हिसाब से लता मंगेशकर ने ट्वीट किया है वो बेवजह ही धोनी को लेकर भावुक हो रही हैं

धोनी के लिए ट्वीट करते हुए लता मंगेशकर ने लिखा है कि 'नमस्कार एमएस धोनी जी.. आज मैं सुन रही हूं , कि आप रिटायर होना चाहते हैं. कृपया ऐसा मत सोचिये. देश को आपके खेल की जरूरत है और ये मेरी भी आपसे रिक्वेस्ट है कि रिटायरमेंट का विचार भी आप मन में मत लाइए.'

लता मंगेशकर की फ़िक्र जायज है. निस्संदेह धोनी एक उम्दा खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने कई अहम मोर्चों पर अपनी सूझ बूझ का परिचय दिया है और भारत को मैच जितवाए हैं मगर इस वर्ल्ड कप में जैसा धोनी का प्रदर्शन है उसे देखकर ये कहना हमारे लिए अतिश्त्योक्ति नहीं है कि लता मंगेशकर बेवजह भावुक हो रही हैं धोनी ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है कि कोई भी क्रिकेट प्रेमी इस मुश्किल वक़्त में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे.

ये बात धोनी फैंस को विचलित कर सकती है. वो हमसे सवाल भी पूछ सकते हैं जवाब की शुरुआत हम बीते दिन हुए इंडिया न्यूजीलैंड के मैच को उदाहरण मानते हुए करेंगे. बीते दिन हुए मैच में धोनी नंबर 7 पर उतरे. जिस वक़्त धोनी बल्लेबाजी करने आए थे उस वक़्त टीम इंडिया का स्कोर 5 विकेटों के नुकसान पर 71 रन था. बल्लेबाजी करते हुए धोनी ने 72 गेंदों में 50 रन बनाये जिसमें एक चौका और एक छक्का भी शामिल था.

महेंद्र सिंह धोनी, लता मंगेशकर, रिटायर, टीम इंडिया, MS Dhoni वाकई इस वर्ल्ड कप में धोनी ने उम्मीद के विपरीत प्रदर्शन किया है

भले ही धोनी ने ऑल राउंडर रविन्द्र जडेजा के साथ 116 रनों की साझेदारी निभाई लेकिन जब धोनी 72 गेंदों में धोनी के 50 रनों का अवलोकन किया जाए तो मिलता है कि धोनी को न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की गेंद समझने और उसका सामना करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. मैच के दौरान दिलचस्प बात ये भी रही कि वो शॉट्स, जिनके लिए धोनी जाने जाते थे उन्हें तक खेलने में उन्हें तमाम तरह कि दुश्वारियों का सामना करना पड़ा. ये कहना हमारे लिए कहीं से भी गलत नहीं है कि बीते दिन हुए मैच में जिस तरह कि बल्लेबाजी धोनी ने की है साफ पता चल रहा था कि धोनी न सिर्फ गेंदबाजों से डरे हुए हैं बल्कि उनकी बॉलिंग ने उन्हें खासा नर्वस कर रखा है.

ये कोई पहली बार नहीं है जब वर्ल्ड कप के मैचों में महेंद्र सिंह धोनी के स्ट्राइक रेट पर सवाल उठे हों मगर इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन से न सिर्फ आलोचकों को आलोचना का मौका दे दिया बल्कि अपने उन तमाम फैंस को निराश करा जिनका ये मानना था कि धोनी इस वर्ल्ड कप में कुछ ऐसा करेंगे जो न सिर्फ आलोचकों के मुंह पर ताला लगाएगा बल्कि उनके खेल को लोग लम्बे समय तक याद भी रखेंगे.

गौरतलब ही कि 2019 के इस वर्ल्ड कप में महेंद्र सिंह धोनी 'इरादे में कमी' का शिकार रहे हैं. स्पिन गेंदबाजों के सामने मध्य के ओवरों में जैसे उन्होंने धीमे खेल का प्रदर्शन किया है उसने सारी कहानी खुद ब खुद बयान कर दी है और बता दिया है कि अब वो वक्त आ गया है जब इज्जत के साथ उन्हें क्रिकेट को अलविदा कर देना चाहिए. इसके अलावा यदि हम धोनी की विकेट कीपिंग का भी अवलोकन करें तो मिलता है कि न सिर्फ धोनी बैटिंग में नाकाम रहे हैं बल्कि उन्होंने विकेट कीपिंग में भी वो प्रदर्शन नहीं किया जिसके चलते क्रिकेट जगत में उन्होंने अपनी एक साख स्थापित की थी.

महेंद्र सिंह धोनी, लता मंगेशकर, रिटायर, टीम इंडिया, MS Dhoni अपने परफॉरमेंस के चलते इस वर्ल्ड में विकेट कीपरों के मामले में धोनी की रैंक नंबर 8 रही

धोनी का प्रदर्शन किस हद तक खराब हो रहा है इसे हम ऐसे समझ सकते हैं कि इस पूरे वर्ल्ड कप में बाय के 71 रन गए हैं और इसमें भी धोनी सबसे ज्यादा बाय के रन देने वाले विकेटकीपर बने हैं. धोनी ने इस वर्ल्ड कप में बाय के 24 रन दिए हैं. जो किसी भी विकेट कीपर द्वारा सबसे ज्यादा हैं. आपको बताते चलें कि बाय के रन देने के मामले में धोनी जहां नंबर 1 हैं तो वहीं ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स कैरी दूसरे नंबर पर हैं जिन्होंने 9 रन दिए थे.

बात अगर श्री लंका के साथ हुए भारत के मैच की हो तो उसमें भी धोनी ने वही किया जिसकी उम्मीद शायद ही किसी न उनसे की हो. 42 वें ओवर में जिस वक़्त हार्दिक पंड्या गेंद डाल रहे थे धोनी ने बड़ी गलती की और श्रीलंका को बाय के 4 रन मिले. धोइनी ऐसी गलती करेंगे इसकी उम्मीद शायद ही किसी को हो. यहां तक कि धोनी के ऐसे प्रदर्शन ने कमेन्ट्री बॉक्स में बैठे कमेंटेटर्स तक को हैरान कर दिया. इसके अलावा इसी मैच में धोनी का तीन कैचों के अलावा स्टंपिंग छोड़ना ये बता देता है कि क्रिकेट का ये शेर अब बूढा हो चला है.

बहरहाल हमने बात की शुरुआत लता मंगेशकर की बातों से की थी. ऐसे में हम उन्हें बस इतना कहेंगे कि सारा देश उनकी बातों का सम्मान करता है मगर खेल में भावुकता का कोई महत्त्व नहीं है. यहां हीरो वही है जो प्रदर्शन करता है और फ़िलहाल जैसा प्रदर्शन है, वक्त का तकाजा यही है कि धोनी नैतिकता के आधार पर अपनी जगह खुद छोड़ दें जिससे नए लोगों को मौका मिले और फिर शायद अगले वर्ल्ड कप में कप हमारी झोली में गिर ही जाए.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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