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Updated: 17 जून, 2019 12:01 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujkumarmaurya87
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India Vs Pakistan मैच वही मुकाबला है, जिसका हर भारतीय बेसब्री से इंतजार कर रहा था. पहले इस बात का डर था कि कहीं ये मैच भी पहले के मैचों को तरह बारिश में ना धुल जाए, लेकिन मौसम मेहरबान हुआ और मैच शुरू हो गया. पाकिस्तान ने टॉस जीता और पहले बॉलिंग करने का फैसला किया. आपको बता दें कि आज कर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए वर्ल्ड कप मुकाबलों में 6 में से 5 बार भारत ही टॉस जीता था, लेकिन इस बार पाकिस्तान ने फिर से टॉस जीत लिया. यानी पाकिस्तान अब तक कुल 7 में से 2 बार टॉस तो जीत गया, लेकिन हर बार मैच हार गया.

पाकिस्तानी कप्तान सरफराज ने टॉस तो जीता, लेकिन शायद बॉलिंग करने का फैसला गलत कर लिया. कम से कम क्रिकेट फैन्स और खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान का तो यही मानना है. इमरान खान अपनी टीम के लिए कितना सोचते हैं, इसका पता तो आपको तब चलेगा जब आप उनका ट्विटर अकाउंट देखेंगे. मैच शुरू होने से पहले उन्होंने अपनी टीम के नाम एक के बाद एक 5 ट्वीट किए.

भारत, पाकिस्तान, इमरान खान, विश्व कपमैच से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी टीम का हौंसला बढ़ाने के लिए 5 ट्वीट करते हुए 3 टिप्स दिए.

इमरान खान ने बताया दिमागी ताकत कितनी जरूरी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक के बाद एक 5 ट्वीट किए हैं. उन्होंने लिखा है- जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तो मुझे लगता था कि 70 फीसदी टैलेंट होता है और 30 फीसदी दिमाग. जब मैंने क्रिकेट खेलना बंद कर दिया तो मुझे लगता था कि क्रिकेट में दोनों ही 50-50 फीसदी होते हैं. लेकिन अब मैं अपन दोस्त गावस्कर से सहमत हूं कि क्रिकेट में 60 फीसदी दिमागी ताकत होती है और 40 फीसदी टीम की ताकत. आज के मैच में दिमाग का काम 60 फीसदी से अधिक होगा. आज दोनों ही टीमें प्रेशर में होंगी और दिमागी ताकत ही मैच की नतीजा तय करेगी. हारने का डर दिमाग से निकाल देना चाहिए, क्योंकि इस तरह हम निगेटिव और डिफेंसिव होकर खेलते हैं.

अपने ट्वीट के जरिए इमरान खान ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ये 3 सुझाव दिए हैं.

1- 'इस मैच को जीतने के लिए सरफराज को स्पेशलिस्ट बैट्समैन और बॉलर्स के साथ जाना चाहिए, क्योंकि रैलू कट्टे (Raillu Kattas) दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं. खासकर वैसी स्थिति में, जो आज पैदा होने वाली है.' आपको बता दें कि रैली कट्टा का मतलब वह खिलाड़ी होता है जो स्ट्रीट क्रिकेट में दोनों टीमों की संख्या को बराबर करने के लिए दोनों के लिए खेलता है. संभवतः यहां पर इमरान खान का इशारा ऑलराउंडर्स की ओर था.

2- 'अगर पिच में नमी ना हो तो सरफराज को टॉस जीतने के बाद पहले बैटिंग करनी चाहिए.'

3- 'भले ही भारत काफी लोकप्रिय टीम हो, अपने मन से डर को निकाल दो. सिर्फ अपनी पूरी ताकत से खेलो और अंत तक डटे रहो. इसके बाद जो भी नतीजा आता है उसे एक सच्चे खिलाड़ी की तरह स्वीकार करो. देशवासियों की प्रार्थना आपके साथ है.'

सरफराज ने कितनी मानी इमरान खान की बात?

सबसे पहले बात करते हैं टॉस की. टॉस तो सरफराज ने ही जीता, लेकिन उन्होंने बैटिंग नहीं, बल्कि बॉलिंग चुनी. वैसे तो दिन में अधिक बारिश हुई नहीं, इसलिए पिच के नम होने की संभावना नहीं दिखती. तो क्या सरफराज ने इमरान खान की बात नहीं मानी? या पिच देखकर अपने विवेक का इस्तेमाल किया? या कहीं ऐसा तो नहीं कि पाकिस्तान को लगा कि बीच में ही बारिश हो जाएगी और फिर इसका फायदा उसे भारत के खिलाफ गेंदबाजी करने में मिलेगा? वैसे बारिश तो हुई, लेकिन भारत की पारी लगभग खत्म होने के बाद. खैर, जो भी हो, यूं लग रहा है कि सरफराज ने इमरान खान के सुझाव को नजरअंदाज कर दिया, जिसका खामियाजा उन्हें मैच हारकर चुकाना पड़ा.

इमरान खान का दूसरा सुझाव था कि रैलू कट्टों के साथ ना खेलें, जबकि अगर टीम में देखा जाए 3 बॉलर, 3 बैट्समैन के अलावा 4 ऑलराउंडर (रैलू कट्टे) हैं. यानी यहां भी इमरान खान की बात नहीं मानी गईं. वहीं उनकी तीसरी और सबसे अहम सलाह ये थी कि डर को दिल से निकाल दें, लेकिन जिस तरह पाकिस्तानी टीम फील्डिंग में गलतियां कीं, उससे साफ पता चल रहा था कि उनके अंदर हारने का डर हर वक्त था.

अब दूसरा पहलू भी देख लीजिए

इमरान खान ने करीब 12 बजे ट्वीट किए, जबकि 3 बजे से मैच ही शुरू हुआ. करीब 2 बजे टॉस हो गया. मैच से कुछ घंटे पहले खिलाड़ी अपने खेल पर फोकस करें या ट्विटर-ट्विटर खेलें? ऐसे में हो सकता है कि उनके ट्वीट्स को पाकिस्तानी टीम ने देखा भी ना हो. अगर इमरान खान कम से कम एक दिन पहले टिप्स देते तो खिलाड़ी शायद उस पर अमल कर पाते. कम से कम उनका उत्साह तो बढ़ता ही कि एक बार वर्ल्ड कप जिता चुका पूर्व कप्तान उन्हें कुछ टिप्स दे रहा है. खैर, अब बाजी हाथ से निकल चुकी है और पाकिस्तान बुरी तरह से लगातार 7वीं बार भारत से हार चुका है.

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