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Updated: 22 फरवरी, 2021 08:46 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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इतिहास में जब जब 2020 का जिक्र होगा इसे एक मनहूस साल के रूप में याद किया जाएगा. पूरे विश्व की तरह भारत भी इस जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में आया. एक नागरिक के रूप में हमने जहां इस बीमारी की रोकथाम के चलते लगाए गए लॉक डाउन में देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतरते देखा तो वहीं जाती हुई नौकरियां और मरते हुए लोगों ने आम लोगों के साथ साथ सरकार को भी गहरी चिंता में डाला. इतनी विशाल आबादी होने के बावजूद साल 2021 की शुरुआत में जिस तरह भारत ने इस बीमारी से निपटने के लिए कोरोना की वैक्सीन का निर्माण किया वो काबिल ए तारीफ है. देश में वैक्सीनेशन जोरों पर है. हाल फिलहाल में फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाने का काम ज़ोर शोर पर चल रहा है. भले ही वैक्सीनेशन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा हो लेकिन जैसे कयास लगाए जा रहे हैं देश के आम आदमी तक वैक्सीन पहुंचने में अभी भी ठीक ठाक वक़्त है. वैक्सीनेशन सुगमता से आम लोगों के बीच पहुंचे इसको लेकर जो बातें आईटी कंपनी विप्रो के संस्थापक और अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने कहीं हैं उनपर देश की सरकार को गौर करना चाहिए. यदि मोदी सरकार ने प्रेमजी की बातों पर ध्यान दे दिया तो हम बड़ी ही आसानी के साथ कोरोना वायरस को मुंह तोड़ जवाब दे पाएंगे.

Coronavirus, Azim Premji, Covid 19 Vaccine, Disease, Bengaluru, Vaccination, Modi Governmentअजीम प्रेमजी का आईडिया बेशकीमती है सरकार को उसे मानना चाहिए

विप्रो अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने भारत सरकार को कोविड 19 के खिलाफ वैक्सीनेशन कैम्पेन में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है साथ ही अजीम प्रेमजी ने ये भी कहा है कि यदि सरकार वैक्सीनेशन के मद्देनजर प्राइवेट सेक्टर्स से हाथ मिलाती है तो अगले 2 महीने यानी 60 दिनों में करीब 50 करोड़ लोगों तक कोरोना की वैक्सीन बड़ी ही आसानी के साथ पहुंचाई जा सकती है.

कोरोना वायरस वैक्सीनेशन के मद्देनजर अजीम प्रेमजी ने ये तमाम बातें बैंगलोर में चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स द्वारा आयोजित एक इंटरेक्शन सेशन में कही हैं. जिस तरह जल्द से जल्द सरकार द्वारा कोरोना वायरस की वैक्सीन को डेवेलोप किया गया है और जिस तेजी से टीकाकरण चल रहा है प्रेमजी ने उसकी तारीफ तो की लेकिन प्रेमजी ये भी कहने से नहीं चूके कि वर्तमान में बहुत बड़े अनुपात में कोरोना की वैक्सीन लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है.

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सलाह देते हुए प्रेमजी ने कहा है कि इस बात की संभावना है कि हम सीरम इंस्टिट्यूट को 300 रुपए पर शॉट और हॉस्पिटल और नर्सिंग होम को 100 रुपए पर शॉट उपलब्ध करा सकते हैं. ऐसे में 400 रुपए के साथ देश की बड़ी आबादी का टीकाकरण किया जा सकता है. विप्रो अध्यक्ष का मानना है कि सरकार को इसके लिए प्राइवेट सेक्टर्स से हाथ मिलाना चाहिए. जिस दिन भी ऐसा हो गया उसके अगले 60 दिनों में हम 50 करोड़ लोगों तक कोरोना की वैक्सीन को बड़ी ही आसानी के साथ पहुंचा सकते हैं.

संवाद सत्र में इसके अलावा भी प्रेमजी ने तमाम बातें कही हैं और ये वो बातें हैं जिसपर देश की सरकार और पीएम मोदी को न केवल विचार करना चाहिए बल्कि इसे अमली जामा भी पहनाना चाहिए. गौरतलब है कि सरकार देश में प्रिवेटाइजेशन को बल दे रही है. ऐसे में यदि प्रेम जी का ये विचार अमल में लाया जाता है तो कहीं न कहीं इससे एक भरोसे का निर्माण होगा जो देश की सरकार और आम लोगों के बीच एक पुल का काम करेगा और जिसके दूरगामी परिणाम एक देश के रूप में भारत के लिए बहुत सुखद होंगे.

कह सकते हैं कि कोरोना वायरस वैक्सीनेशन कस मद्देनजर अजीम प्रेमजी ने देश की सरकार को एक बहुत उम्दा प्लान दिया है. अब बस उसे अमल में लाने की देर है. प्लान न केवल सस्ता है बल्कि इसमें वो क्षमताएं भी हैं जो भारत को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने का गुण रखती हैं. सरकार अजीम प्रेमजी की बातों को कितना गंभीरता से लेती है जवाब वक़्त देगा. लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि इस सुझाव से अजीम प्रेमजी ने अपने जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दे दिया है.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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