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 |  3-मिनट में पढ़ें  |   12-01-2018
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कोई इंसान आखिर कितना गिर सकता है? ये सवाल अगर आपसे पूछा जाए तो आपका जवाब क्या होगा? न ही इसका कोई पैमाना है और न कभी नापा जा सकता है इसे. अगर इस सवाल को उन मनचले लड़कों से जोड़ कर देखा जाए जो किसी भी हाल में लड़कियों को छूने की उनकी तस्वीरें खींचने की कोशिश करते हैं तो? वो लड़के जिन्हें लड़कियों को देखना और उनकी तस्वीरें खींचना सिर्फ मनबहलाने का एक साधन लगता है.

कई तरीके होते हैं जिससे आदमी अपना काम कर लेते हैं. हां, आजकल सेक्शुअल हैरेस्मेंट को लेकर थोड़ी बहुत समझदारी लोगों में आ गई है, लेकिन अब लगता है कि मनचले लड़कों को तकनीक का सहारा मिल गया है. यही साबित होता है केरला के एक आदमी बैजू के मामले में. बैजू ने तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी इच्छा पूरी करनी की कोशिश की. इच्छा भी उतनी ही घिनौनी जितनी बैजू की हरकत.

कैमरा, चप्पल, रेप, सेक्शुअल हैरेस्मेंटइस चप्पल में फिट किया गया था कैमरा

बैजू ने अपनी चप्पल में कैमरा फिट कर लिया और उससे वो लड़कियों की स्कर्ट के नीचे की तस्वीरें खींचता था. बैजू केरला के कलोलसावम में एक स्कूल के आर्ट फेस्टिवल में बहुत मेहनत के साथ गया था.

स्कूल बच्चियों के स्कर्ट के अंदर की तस्वीरें खींचने के लिए बैजू ने अपनी चप्पल में ही कैमरा फिट कर लिया था. बैजू ने चप्पल में एक छेट किया जिससे कैमरा लेंस फोटो खींच सके. चप्पल के अंदर एक स्टील केस में फोन छिपा दिया ताकि अगर कोई उसके पैर पर पैर भी रख दे तो भी फोन को कुछ न हो.

ऐसे पकड़ा गया...

बैजू तब पुलिस की नजर में आ गया जब वो एक जगह से दूसरी जगह अपने पैर की तरफ देखते हुए जा रहा था. वो लगातार अपनी जगह बदल रहा था और अपने पैरों की ओर देख रहा था. थोड़ी देर उसपर नजर रखने पर ही बैजू को गिरफ्तार कर लिया गया. उसकी तकनीक देखकर पुलिस वाले भी भौंचक्के रह गए.

कैमरा, चप्पल, रेप, सेक्शुअल हैरेस्मेंटस्टील केस लगाकर फोन को किया सुरक्षित

बैजू पूरी तैयारी के साथ आया था. उसके पास एक और कैमरा फोन था ताकि अगर एक फोन की बैटरी खत्म हो जाए तो वो दूसरे के साथ ये काम कर ले.

वैसे ये तरीका काफी मॉर्डन लगता है पर नया नहीं है. 2015 में एक वकील दिल्ली में इसी तरह से लड़कियों की फोटो खींच रहा था. उसके जूते में भी कैमरा लगा था. यूके में भी एक बिजनेसमैन इसी तरह से पकड़ा गया था. जापान में 2014 में शू कैमरा पर पूरा का पूरा केस चला था और उन्हें बैन कर दिया गया था.

सिर्फ जूते में ही नहीं पेन, बैग, बेल्ट, शर्ट, आदि आम दिखने वाली चीजों में लोग कैमरा का इस्तेमाल कर गलत तरह से तस्वीरें खींचते हैं. तकनीक ने ये काम इतना आसान बना दिया है कि शायद अब इस तरह के लोगों को पकड़ना और मुश्किल हो गया है.

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