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Updated: 22 अप्रिल, 2015 08:49 AM
मृगांक शेखर
मृगांक शेखर
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हिलेरी क्लिंटन का चुनाव अभियान जोर पकड़ने लगा है. अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर अपने कैंपेन की शुरुआत की. भारतीय मूल के लोगों की तो अमेरिकी चुनाव और शासन में अरसे से भागीदारी रही है, लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारत में सक्रिय कई नेताओं को हिलेरी की टीम में हायर किया गया है. जल्द ही ये चेहरे अमेरिकी मीडिया में भी नजर आएंगे.

हिलेरी के स्टार प्रचारक

चुनाव प्रचार के लिए हिलेरी की मीडिया टीम ने भारत से सात लोगों की टीम चुनी हैं, जिनमें प्रमुख हैं - साध्वी प्राची, साध्वी निरंजन ज्योति, साध्वी देवा और साक्षी महाराज. हिलेरी को इनके नाम रेकमेंड करते हुए टीम ने लिखा है कि ये सभी बेहतरीन कम्युनिकेटर हैं और इनका तरीका भी उम्दा है जो मौजूदा सियासत की मांग है. इनकी काबिलियत ये है कि अगर इन्हें लिख कर भाषण दे दिया जाए तो अपने टैलेंट से उसे और ज्यादा धारदार बना देते हैं. बयानों के मामले में इनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता. ऐसा लगता है ऊपर वाले ने इन्हें हुनर दे दी और माहौल ने तालीम. खास बात ये है कि इन्हें भाषण अंग्रेजी में देने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि हिलेरी चाहती हैं कि ये वक्ता दिल खोलकर बोल सकें. वोटर्स को समझाने के लिए अमेरिकन इंटरप्रेटर की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस बीच खबर है कि हिलेरी के इस कदम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी उपकृत महसूस कर रहे हैं क्योंकि बोल बोल कर ये लोग हर कुछ दिन बाद उनके लिए नई मुसीबतें खड़ी करते रहे हैं.

फेमिली प्लानिंग ग्रुप

गे-मैरेज को लेकर जब से हिलेरी का हृदय परिवर्तन हुआ है, फेमिली प्लानिंग का मुद्दा भी उनके लिए बेहद अहम हो गया है. हिलेरी क्लिंटन फेमिली की दूसरी सदस्य हैं जो व्हाइट हाउस में दोबारा एंट्री की कोशिश में हैं. मतदाताओं से पारिवारिक रिश्ता कैसे जोड़ा जाता है इसके लिए उनकी टीम ने यूपी के सत्ताधारी परिवार को केस स्टडी के तौर पर लिया था. हिलेरी को सबसे ज्यादा ताज्जुब तब हुआ जब उन्हें बताया गया कि पिछले चुनावों में पूरी पार्टी हार गई - बस परिवार के लोग जीत पाए. ये ट्रेड सीक्रेट हासिल करने के लिए हिलेरी ने परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव को अपने फेमिली प्लानिंग ग्रुप का मुख्य सलाहकार बनाया है. हिलेरी को मुलायम का जनता परिवार वाला आइडिया भी धांसू लगा है.

सोशल इंजीनियरिंग ग्रुप

इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और यूपी की पूर्व सीएम मायावती के अलावा योग गुरु बाबा रामदेव को शामिल किया गया है. नीतीश और मायावती ने तो हामी भर दी है लेकिन रामदेव की ओर से स्वीकृति पत्र नहीं मिला है. ऐसी आशंका है कि बाबा रामदेव हिलेरी का ऑफर ठुकरा भी सकते हैं. ऐसे में वो पंजाब और हरियाणा से बाबाओं की टीम हायर कर सकती हैं. ऐसे संकेत हैं.

महिला अफेयर्स ग्रुप

ये ग्रुप अमेरिकी महिलाओं से जुड़े मसलों पर अपनी राय देगा और महिलाओं का ज्यादा से ज्यादा वोट पाने की रणनीति तैयार करेगा. इसमें भारत की ओर से मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी, जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव और डीएमके सांसद कनिमोझी को मनोनीत किया गया है. हिलेरी इसमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सेवाएं भी चाहती थीं लेकिन संभव नहीं हो सका क्योंकि बीजेपी ने उन्हें कनाडा में अपना चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिया है.

प्रवक्ताओं की टीम

हिलेरी के प्रवक्ताओं की एक लंबी चौड़ी टीम है जिसमें भारत से दिग्विजय सिंह और संबित पात्रा को जगह मिली है. इस टीम के लिए अभी कई और भी लोग रेस में हैं लेकिन उनके नाम पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है.

'सामना' होगा मीडिया पार्टनर

टीम हिलेरी ने शिवसेना के मुखपत्र सामना को चुनाव अभियान में मीडिया पार्टनर बनाया है. अमेरिकी अखबारों के बीच एशिया से एकमात्र सामना को जगह दी गई है. टीम ने पाया कि सामना तकरीबन हर रोज सुर्खियों में रहता है. भारत के सारे अखबार और टीवी चैनल सामना की कवर स्टोरी या एडिटोरियल से खबरें बनाते हैं. न्यूज एजेंसियां भी अक्सर सामना को अच्छा सोर्स के रूप में पाती हैं. टीम ने ये भी पाया कि सामना ऐसे मुद्दों को उठाता है जिन पर कड़ा रिएक्शन हो - और उसका काम आसानी से हो जाता है. दुनिया भर में फ्री पब्लिसिटी के मामले में सामना का कोई सानी नहीं हो सकता, टीम ने अपनी रिपोर्ट में ये बात कही है.

पटना में होगा वर्कशॉप, लालू देंगे ट्रेनिंग

हिलेरी क्लिंटन ने पब्लिसिटी के लिए एक कोर ग्रुप तैयार किया है जो पूरे कैंपेन को हैंडल करेगा. इसमें दुनिया भर से एक्सपर्ट शामिल किए गए हैं. हालांकि, इस ग्रुप में भारत का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं है. दिलचस्प बात ये है कि इस कोर टीम के लिए एक वर्कशॉप पटना में आयोजित किया जा रहा है - जिसके ट्रेनर होंगे लालू प्रसाद यादव.

दरअसल, हिलेरी के चुनाव कैंपेन के लिए बनी सेलेक्शन कमेटी में इंडियन अफेयर्स के लिए लालू को सलाहकार बनाया गया है. कमेटी ने एक एक एक्सपर्ट का खुद चुनाव किया है. इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी ओर से पेशकश की थी. बताया जाता है कि सेलेक्शन कमेटी ने अमर सिंह, प्रवीण तोगड़िया और असदुद्दीन ओवैसी का आवेदन रिजेक्ट कर दिया है. लालू ने एक स्टेटमेंट में कहा है कि इसमें उनका कोई हाथ नहीं है क्योंकि ये फैसला हिलेरी की अमेरिकन टीम ने लिया था.

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मृगांक शेखर मृगांक शेखर @mstalkieshindi

जीने के लिए खुशी - और जीने देने के लिए पत्रकारिता बेमिसाल लगे, सो - अपना लिया - एक रोटी तो दूसरा रोजी बन गया. तभी से शब्दों को महसूस कर सकूं और सही मायने में तरतीबवार रख पाऊं - बस, इतनी सी कोशिश रहती है.

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