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 |  4-मिनट में पढ़ें  |   30-03-2018
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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एक वो भी दौर था जब हर 15 दिन में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बदलाव होता था. कीमत कम हुई तब तो ठीक, लेकिन अगर दाम बढ़ जाते थे तो हाय-तौबा मच जाती थी. जब से रोजाना कीमतों की समीक्षा शुरू हुई है, तब से रोज कीमतों में कुछ न कुछ बदलाव होता है, लेकिन लोगों को पता नहीं चलता. रोजाना कीमतों में फेरबदल का ही नतीजा है कि आज डीजल-पेट्रोल की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई यानी उच्चतम स्तर के बेहद नजदीक पहुंच चुकी हैं, लेकिन इसे लेकर कहीं कोई बहस नहीं हो रही है.

डीजल, पेट्रोल, कच्चा तेल, मोदी सरकार, भाजपा

क्या हैं डीजल-पेट्रोल के दाम?

आज यानी गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 73.08 रुपए है, जबकि जून 2002 से लेकर अभी तक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत का उच्चतम स्तर 73.38 रुपए रहा है. यानी कीमतें उच्चतम स्तर के बेहद नजदीक हैं. हो सकता है एक-दो दिन में कीमतें उच्चतम आंकड़े को भी छू लें. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 75.80 रुपए, मुंबई में 80.94 रुपए और 75.80 रुपए है.

अगर बात डीजल की करें तो दिल्ली में गुरुवार को इसकी कीमत 63.92 रुपए है, जबकि जून 2002 से लेकर अभी तक डीजल की सबसे अधिक कीमत 63.93 रुपए रही है. यानी मौजूदा समय में कीमत उच्चतम स्तर से सिर्फ 1 पैसे कम है. दिल्ली के अलावा कोलकाता में 66.61 रुपए, मुंबई में 68.07 रुपए और चेन्नई में 67.41 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से डीजल बिक रहा है.

कितनी बढ़ गई कीमतें?

अगर हम सिर्फ रोजाना समीक्षा के बाद से कीमतों में बढ़ोत्तरी देखें, तो डीजल में 9.43 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है और पेट्रोल 7.60 रुपए महंगा हो गया है. 16 जून 2017 को डीजल की कीमत 54.49 रुपए थी, जबकि पेट्रोल की कीमत 65.48 रुपए थी. साल भर से कम के समय में 29 मार्च 2018 तक डीजल की कीमत 9.43 रुपए बढ़कर 63.92 रुपए हो गई है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल की कीमत 7.60 रुपए बढ़कर 73.08 रुपए के स्तर पर जा पहुंची है. नीचे दिया गया चार्ट देखकर आप भी समझ जाएंगे कि हर 15 दिन में कीमतों में कितना बदलाव हुआ. अगर रोजाना समीक्षा से पहले का दौर होता यानी हर 15 दिन में कीमतों की समीक्षा होती, तो हालात नीचे दिए गए चार्ट की तरह ही होते.

डीजल, पेट्रोल, कच्चा तेल, मोदी सरकार, भाजपा

इस बढ़ोत्तरी का कारण क्या है?

डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं. इतना ही नहीं, इसी हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर चुकी है, जो 39 महीनों का उच्चतम स्तर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में ये बढ़ोत्तरी दो कयासों के तहत हुई है. पहला ये कि सऊदी अरब सप्लाई न देने को 2019 तक बढ़ा सकता है और दूसरा ये कि अमेरिका फिर से ईरान के खिलाफ कई तरह के प्रतिबंध लगा सकता है.

अगर आप सोच रहे हैं कि डीजल-पेट्रोल की कीमतें इतनी अधिक होने के बावजूद कोई बहस क्यों नहीं हो रही है तो आपको बता दें कि बहुत से लोग कीमतों से अंजान हैं. दरअसल, रोजाना डीजल-पेट्रोल की कीमतों में थोड़ा बहुत बदलाव होता है, जिसके चलते लोगों को कीमतों में बढ़ोत्तरी होने का पता तब चलता है, जब महीने भर या उससे अधिक के समय में डीजल-पेट्रोल की कीमतों की तुलना की जाती है. पहले हर 15 दिन में कीमतों की समीक्षा होती थी, जिससे कई बार अचानक 2 रुपए तक कीमत बढ़ जाती थी, लेकिन अब कीमत रोजाना थोड़ी-थोड़ी बढ़ रही है और कभी-कभी कम भी होती है, जिसकी वजह से लोगों को डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का पता नहीं चल पा रहा है और इस पर कोई बहस नहीं हो रही है.

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