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Updated: 23 अगस्त, 2018 01:20 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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हमारी बॉलीवुड फिल्में भी बड़ी दमदार होती हैं. बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनाई गई हैं जिन्हें एक बार के बाद दोबारा देखने का भी मन करता है. कुछ फिल्में ऐसी हैं जिनके कई सीन बॉलीवुड के सबसे ज्यादा आइकॉनिक सीन बन गए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनमें भारतीय कानून को तोड़ता दिखाया गया है और उसे भी हमारी पब्लिक के सामने ऐसे पेश किया गया है जैसे वो कोई जुर्म न हो. चलिए आज देखते हैं ऐसे ही कुछ सीन.

1. जा सिमरन जा, जी ले अपनी जिंदगी..

'जा सिमरन जा, जी ले अपनी जिंदगी'.. दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे का ये अहम सीन जिसमें काजोल भागकर ट्रेन पकड़ती है और शाहरुख उन्हें हाथ देते हैं. यकीनन ये सीन भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे यादगार सीन्स में से एक है, लेकिन ये सीन रेलवे के नियमों को तोड़ता है. कई बार रेलवे ने चलती ट्रेन में चढ़ने और उतने वालों के लिए चेतावनी जारी की है.

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रेलवे नियम के मुताबिक चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना अपराध है. ऐसा करने वालों के खिलाफ रेलवे एक्ट के अधीन कार्रवाई होती है. हालांकि, इसे तो खुद रेलवे के कर्मचारी भी कई बार ऐसा करते हैं और इसे कानूनन अपराध तो माना ही नहीं जाता. इसके लिए कभी किसी का चालान शायद ही काटा जाता हो, लेकिन हर साल चलती हुई ट्रेन पकड़ने के चक्कर में कितने लोगों की मौत होती है ये शायद बताने की जरूरत नहीं है. रेलवे ने ट्रेन के आगे सेल्फी लेना, पटरियों पर संगीत सुनना, ट्रेन चढ़कर पकड़ने को लेकर कई रचनात्मक एड्स भी तैयार किए थे.

2. शाहरुख और मलाइका का छइयां-छइयां

छइयां-छइयां गाना आखिर किसे याद नहीं होगा. इस गाने में मलाइका और शाहरुख दोनों कई लोगों के साथ चलती ट्रेन में नाच और गा रहे हैं.

पर अगर सरकारी नियमों की मानें तो ट्रेन की छत पर सफर करना गैरकानूनी है. 2010 में वेस्टर्न रेलवे ने एक नियम निकाला था कि अगर ट्रेन की छत पर एक इंसान भी बैठा हुआ है तो ट्रेन को रोक दिया जाएगा. ट्रेन की छत पर चढ़ना पूरी तरह से गैरकानूनी है.

3. कोई हसीना जब रूठ जाती है तो

कोई हसीना रूठे या न रूठे उसे राह चलते छेड़ना, पीछा करना या गाने गाना तो भारतीय संविधान के अनुसार अपराध है. शोले फिल्म में जिस तरह से धर्मेंद्र हेमा का पीछा करते हैं और गाना गाते हैं ये उन्हें जेल भिजवाने के लिए काफी था.

सेक्शन 294 जिसमें लड़की के सामने अश्लील हरकतें करना और गाने गाना छेड़छाड़ समझा जाता है. इसके तहत जेल हो सकती है, जुर्माना लग सकता है या फिर ये दोनों ही हो सकते हैं. इसके अलावा, सेक्शन 354 और 509 (महिला की गरिमा को नुकसान पहुंचाना) शामिल है. सेक्शन 354 A,B,C,D में स्टॉकिंग, सेक्शुअल हैरेस्मेंट, ताक-झांक, दुपट्टा खींचना या कपड़ों को नुकसान पहुंचाना आदि शामिल हैं.

इसी के साथ, धर्मेंद्र का टंकी पर चढ़ने वाला सीन भी अटेंप्ट टू सुसाइड होता है और धारा 309 के तहत जुर्म है.

4. हम बने तुम बने एक दूजे के लिए..

एक दूजे के लिए. 1981 में आई कमल हसन और रति अग्निहोत्री की क्लासिक फिल्म जिसमें कमल हसन ने वासू का किरदार निभाया था. कितने भी तू कर ले सितम, हंस-हंस के सहेंगे हम ये गाना फिल्म की पहचान बन गया था. इस फिल्म के अंत में हीरो और हिरोइन दोनों आत्महत्या कर लेते हैं. ये सीन भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे दुखद सीन्स में से एक था और ये फिल्म सुपर हिट.

पर इस सीन ने भारतीय कानून के सेक्शन 309 को तोड़ा था. आईपीसी में सेक्शन 309 सुसाइड यानी आत्महत्या को देखता है. इस फिल्म के कारण कई प्रेमी जोड़ों ने आत्महत्या की कोशिश की थी और इस फिल्म के अंत को बदला भी गया था, लेकिन पब्लिक डिमांड पर फिर से अंत वैसा ही कर दिया गया था. सेक्शन 309 में आत्महत्या की कोशिश को कानूनन अपराध माना गया है. ऐसा करने वाले को जेल हो सकती है या फाइन लग सकता है या फिर ये दोनों ही.

5. अंदाज़ अपना-अपना, तेजा मैं हूं मार्क इधर है

अंदाज अपना-अपना फिल्म ने भी कानून कई नियम तोड़े हैं. इस फिल्म में आमिर खान और सलमान खान दोनों ही नकली नाम और पहचान से रवीना और करिश्मा के घर पहुंच जाते हैं. इसके अलावा, परेश रावल भी तेजा बन अपने भाई की पहचान लेने की कोशिश करते हैं और कहते हैं, तेजा मैं हूं, मार्क इधर है.

कुल मिलाकर इस फिल्म में कई बार फ्रॉड किया गया है, भारतीय कानून के हिसाब से ये सेक्शन 420 के तहत आता है. इसके तहत 7 साल की जेल और फाइन दोनों लग सकता है.

इसी तरह पुरानी फिल्म गोलमाल भी आएगी. जहां उत्पल दत्त को राम प्रसाद शर्मा और लक्ष्मण प्रसाद शर्मा के बीच अंतर बताना होता है वहां भी सेक्शन 420 का उलंघन किया गया है.

6. तारीख पर तारीख

सनी देवल के सबसे दमदार डायलॉग को अगर याद किया जाए तो ढाई किलो के हाथ के बाद एक ही डायलॉग है जिसने सनी को नैशनल अवॉर्ड दिलवाया था. वो सीन था दामिनी फिल्म का तारीख पर तारीख. सनी देवल कानून के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाते हैं. सरकार की तारीख प्रणाली पर सवाल करते हैं. कोर्ट रूम में चिल्लाते हैं और जज को अपना फैसला लिखने से रोकते हैं. जज को कहते हैं कि अगर आप इंसाफ नहीं दे सकते तो सब कुछ उखाड़ फेंकिए.

अमरीश पुरी खुद कहते हैं कि ये कोर्ट की तौहीन है. असल में अमरीश पुरी सही कह रहे थे. ये कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट यानि कोर्ट की तौहीन ही है. Contempt of Courts Act, 1971 के हिसाब से जजमेंट पर किसी भी तरह का सवाल उठाना, जज द्वारा दिए गए आदेश को न मानना, जज का अपमान करना सब कुछ कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट में आएगा.

7. सिंघम का कार से उतरना

सिंघम फिल्म का एकदम मजेदार फिल्म रही है. इस फिल्म में अजय देवगन ने स्कॉर्पियो पर एक स्टंट करते हैं. चलती स्कॉर्पियो से उतरने वाला.

कीकी चैलेंज के बाद से चलती कार से उतरना भी कानूनी अपराध हो गया है. मुंबई और बेंगलुरु पुलिस ने इसके खिलाफ नियम भी बना दिए हैं. अब चलती कार से उतरने वालों को जेल भी हो सकती है.

यकीनन अब अजय देवगन का ये स्टंट गैरकानूनी ही कहलाएगा.

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लेखक

श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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