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Updated: 11 अगस्त, 2022 01:00 PM
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बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड के लिए तमाम चीजें खिलाफ ही दिख रही हैं. लग तो यही रहा है कि हिंदी फिल्ममेकर्स का कोई भी फ़ॉर्मूला या ट्रिक काम करता नजर नहीं आ रहा. आजादी के अमृत महोत्सव में स्वतंत्रता दिवस पर एक साथ हिंदी की दो फ़िल्में रिलीज हो रही हैं. एक आमिर खान करीना कपूर खान स्टारर 'फॉरेस्ट गंप' का बॉलीवुड रीमेक 'लाल सिंह चड्ढा' है तो दूसरा अक्षय कुमार भूमि पेडणेकर के अभिनय से सजी 'रक्षा बंधन'. रक्षा बंधन को फैमिली एंटरटेनर के लिए मशहूर आनंद एल रॉय ने बनाया है. दोनों फिल्मों के मेकर्स ने स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन की छुट्टियों के मद्देनजर 11 अगस्त की तारीख एक बेहतर कारोबार की गुंजाइश में लॉक की थी. बावजूद कि टिकट खिड़की पर क्लैश था.

त्योहारी सीजन देखते हुए मेकर्स को पूरा भरोसा था कि दर्शक जरूर फिल्मों को देखने निकलेंगे और कामयाबी मिलेगी. हालांकि टिकट खिड़की के रुझान बेहतर कारोबार का बिल्कुल भी संकेत देते नजर नहीं आते. बल्कि बॉलीवुड की बर्बादी के संगीत की धुन सुनाई दे रही है. इस बीच प्रतिष्ठित फिल्म वेबसाइट खासकर फिल्मों की ट्रेड एनालिसिस के लिए मशहूर 'बॉलीवुड हंगामा' ने तो अनुमान लगाया है कि दोनों फिल्मों की कमाई को मिला भी दिया जाए तो पहले दिन दोनों फिल्मों की कुल कमाई मुश्किल से 30 करोड़ से पार निकले. यह आंकड़ा फिल्म ट्रेड सर्किल को परेशान करने के लिए पर्याप्त है.

lscलाल सिंह चड्ढा और रक्षा बंधन एक साथ रिलीज हो रही हैं.

दिलचस्प है कि लाल सिंह चड्ढा को सबसे ज्यादा स्क्रीन्स मिले हैं और फिल्म के टिकटों के मूल्य भी ज्यादा रखे गए हैं. बड़े शहरों में फिल्म का दबदबा है. जबकि रक्षा बंधन को स्क्रीन्स तो कम मिले हैं मगर सबसे ज्यादा शोकेसिंग है. सिंगल स्क्रीन और छोटे शहरों में अक्षय कुमार की ही फिल्म का दबदबा है. फ़िल्में क्लैश के बावजूद संतोषजनक रिलीज पाते दिख रही हैं. डिस्ट्रीब्यूशन तक चीजें बहुत खराब नहीं दिख रही. ये दूसरी बात है कि पहले दिन दोनों फिल्मों की ओपनिंग निराशाजनक है. कोरोना महामारी के बाद अगर हिंदी बॉक्स ऑफिस को देखें तो लंबे वक्त से कोई फिल्म धमाकेदार ओपनिंग हासिल करती नजर नहीं आती.

अक्षय की सूर्यवंशी के बाद बॉलीवुड की किसी फिल्म ने हासिल नहीं की बड़ी ओपनिंग

अभी भी पिछले साल दिवाली वीकएंड में आई अक्षय कुमार की सूर्यवंशी बॉलीवुड की इकलौती फिल्म है जिसने टिकट खिड़की पर सर्वाधिक ओपनिंग हासिल की थी. सूर्यवंशी ने सिनेमाघरों में खस्ता हालात के बावजूद 26.29 करोड़ रुपये की कमाई की थी. इस साल बहुत सारी फ़िल्में रिलीज हुई मगर सिर्फ पांच फिल्मों का पहले दिन का कलेक्शन दहाई के आंकड़े को पार कर पाया था. इसमें से भूल भुलैया 2 ने 14.11 करोड़ कमाए थे. इसके बाद बच्चन पांडे (13.25 करोड़), सम्राट पृथ्वीराज (10.70 करोड़), गंगूबाई काठियावाड़ी (10.50 करोड़) और शमशेरा ने 10.25 करोड़ कमाए. भूल भुलैया 2 और गंगूबाई को छोड़कर बाकी फिल्मों को दर्शकों ने बुरी तरह से खारिज कर दिया था.

जबकि हिंदी में डब होकर आई फिल्मों ने पहले दिन शानदार प्रदर्शन किया. यश की केजीएफ 2 ने हिंदी पट्टी में पहले दिन 53.95 करोड़ और आरआरआर ने 20.07 करोड़ कमाकर चौंका दिया. हिंदी में द कश्मीर फाइल्स और जुग जुग जियो का ओपनिंग कलेक्शन बहुत शानदार नहीं था मगर द कश्मीर फाइल्स ने कमाई के कीर्तिमान बनाए और जुग जुग जियो किसी तरह कारोबारी साख बरकरार रख पाई. इसमें कोई शक नहीं कि रक्षा बंधन और लाल सिंह चड्ढा का पहले दिन का कलेक्शन उनके भयावह बॉक्स ऑफिस का संकेत देता दिख रहा है.

बॉलीवुड के लिए खराब हो सकता है इस साल का स्वतंत्रता दिवस

साउथ को छोड़ भी दिया जाए तो इधर के दिनों में हॉलीवुड की डब फिल्मों ने भी 100 करोड़ या उससे कहीं ज्यादा का कारोबार किया है. इसे देखकर तो यही लगता है जैसे टिकट खिड़की पर सिर्फ बॉलीवुड की बर्बादी जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं. बाकी इंडस्ट्री की जो अच्छी फ़िल्में आ रही हैं उन्हें हिंदी के दर्शक पसंद कर रहे हैं. ऐसा भी नहीं है कि इस वक्त सिनेमाघरों में हालात बहुत खराब है. बल्कि अब चीजें लगभग सामान्य दिख रही हैं. रुझान यह भी बता रहे कि कारोबारी लिहाज से स्वतंत्रता दिवस वीकएंड अब तक सबसे खराब इवेंट भी बन सकता है.

कमाई के मामले में स्वतंत्रता दिवस वीकएंड पर आई फिल्मों में क्रमश: मिशन मंगल (साल 2019, 200 करोड़ से ज्यादा कमाई), एक था टाइगर (साल 2012, 198 करोड़ से ज्यादा कमाई), सिंघम रिटर्न्स (साल 2014, 141 करोड़), टॉयलेट एक प्रेम कथा (साल 2017, 133 करोड़ से ज्यादा कमाई) और रूस्तम (साल 2016,  127 करोड़ से ज्यादा की कमाई) टॉप पांच फिल्मों में शामिल हैं. सभी फिल्मों ने टिकट खिड़की पर एक बढ़िया ओपनिंग से शुरुआत हासिल की थी.  

लाल सिंह चड्ढा और रक्षा बंधन पहले दिन क्यों कमजोर दिख रही हैं?

लाल सिंह चड्ढा और रक्षा बंधन का तगड़ा विरोध चल रहा है. कुछ साल पहले यह देखने में आता था कि जिन फिल्मों का विरोध होता था उन्हें जबरदस्त कारोबारी फायदा मिलता था. लेकिन अब विरोध झेलने वाली फ़िल्में तबाह होती नजर आती हैं. क्या आमिर खान और अक्षय कुमार की फिल्मों को निगेटिव कैम्पेन से नुकसान पहुंच रहा है- आधिकारिक आंकड़ों के आने तक यह दावे से नहीं कहा जा सकता. मगर कारोबारी फ्रंट पर फिलहाल तो फ़िल्में नुकसान उठाती नजर आ रही हैं.

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