होम -> सिनेमा

बड़ा आर्टिकल  |  
Updated: 08 अप्रिल, 2021 03:05 PM
मुकेश कुमार गजेंद्र
मुकेश कुमार गजेंद्र
  @mukesh.k.gajendra
  • Total Shares

कोरोना की लहर अब सुनामी बनकर पूरे देश में कहर बरपा रही है. देशभर में दिन प्रति दिन कोरोना वायरस से हालात खराब होते जा रहे हैं. बुधवार को रिकॉर्ड 1 लाख 26 हजार 265 लोग संक्रमित पाए गए. कोरोना महामारी शुरू होने के बाद ये पहली बार है कि एक दिन के अंदर इतने लोग संक्रमित हुए हैं. इसी से इसकी विभिषिका का अंदाजा आप लगा सकते हैं. सबसे ज्यादा खराब हालात तो महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हैं. यही वजह है कि वीकेंड लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू और कई जगह टोटल लॉकडाउन लगाकर कोरोना कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है. लेकिन इन सबके बीच अर्थव्यवस्था का भयंकर नुकसान हो रहा है. उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं. ऐसे में हर साल अरबों रुपये का व्यापार करने वाली फिल्म इंडस्ट्री भी कोरोना की मार से जूझ रही है.

पिछले साल लगे लंबे लॉकडाउन के वक्त जब सिनेमाघरों को बंद कर दिया गया, तो कई बड़े फिल्म मेकर्स ने अपनी फिल्मों की रिलीज डेट आगे खिसका दी थी. छोटे बजट के फिल्म मेकर्स ने तो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी फिल्में रिलीज कर दी, लेकिन बड़े अच्छे दिन के इंतजार में थे. अक्टूबर में जब लॉकडाउन हटा और सिनेमाघरों को पूरी क्षमता के साथ खोल दिया गया, तो फिल्में थिटेयर में रिलीज होने लगीं. लगा कि बॉलीवुड के दिन बहुर गए. डरते-डरते ही सही 'सूर्यवंशी', 'बंटी और बबली 2', '83', 'चेहरे', सत्यमेव जयते 2 और राधे जैसी बड़ी फिल्मों के रिलीज डेट घोषित कर दी गई. लेकिन कोरोना की सुनामी ने एक बार फिर बॉलीवुड को झकझोर दिया है. वायरस की वजह से लग रहे तमाम प्रतिबंधों को देखते हुए एक बार फिर फिल्मों की रिलीज डेट आगे बढ़ाई जाने लगी है.

1_650_040821024209.jpgरोहित शेट्‌टी के निर्देशन में बनी 'सूर्यवंशी' फिल्म की रिलीज पोस्टपोन कर दी गई है. पिछले एक साल से दर्शक अक्षय कुमार स्टारर 'सूर्यवंशी' के रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं. रोहित शेट्‌टी के निर्देशन में बनी 'सूर्यवंशी' को कुछ दिनों पहले ही मेकर्स ने फाइनली 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज करने का ऐलान किया था. यह फिल्म पहले 24 मार्च 2020 को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन कोरोना की वजह से पिछले एक साल से इसकी रिलीज डेट टलती जा रही है. अब एक बार फिर कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते 'सूर्यवंशी' की रिलीज आगे बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद निर्देशक रोहित शेट्टी ने ये फैसला लिया है. रोहित के इस निर्णय की उद्धव ठाकरे ने सराहना की है. उनका कहना था कि निर्देशक रोहित शेट्टी ने फिल्म की रिलीज डेट को स्थगित करने का साहसी और कठिन निर्णय लिया है.

'सूर्यवंशी' ही नहीं कोरोना की दूसरी लहर की वजह से बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों की रिलीज डेट पोस्टपोन की जा चुकी है. अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी स्टारर 'चेहरे' की रिलीज आगे बढ़ा दी गई है. यह फिल्म 9 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी. इससे पहले 'हाथी मेरे साथी' और 'बंटी और बबली 2' की रिलीज को पोस्टपोन कर दिया गया. इसके अलावा आलिया भट्ट और रणवीर कपूर स्टारर फिल्म 'ब्रह्मास्त्र', अजय देवगन की फिल्म 'मैदान', आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चढ्ढा', संजय लीला भंसाली की फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' और शाहिर कपूर की फिल्म 'जर्सी' की रिलीज डेट का ऐलान भी नहीं किया गया है. इनमें 'सूर्यवंशी', 83, 'बंटी और बबली 2', 'ब्रह्मास्त्र' और 'चेहरे' जैसी फिल्मे बनकर तैयार हैं, लेकिन पिछले साल से कोरोना के चलते ही सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पा रही हैं.

फिल्म रिलीज न होने से नुकसान

फिल्मों की रिलीज डेट टलना हमारी नजर में महज तारीखों का परिवर्तन होता है, लेकिन फिल्म मेकर्स के लिए यह बहुत बड़ा फैसला होता है. फिल्म बनने के बाद एक-एक दिन उसके मेकर्स के लिए अहम होता है. अधिकतर लोग जानते हैं कि एक फिल्म बनाने के लिए उसके बजट और लागत का एक बड़ा हिस्सा बैंकों से लोन के रूप में लिया जाता है. इस बैंक लोन पर मेकर्स को इंटरेस्ट भरना होता है. ऐसे में यदि किसी फिल्म की रिलीज डेट लगातार टल रही है, तो उसका सबसे बड़ा नुकसान मेकर्स को उठाना पड़ता है. उदाहरण के लिए फिल्म 'सूर्यवंशी' और '83' की बात करते हैं, दोनों फिल्में रिलीज के लिए तैयार हैं. इनकी लागत 200 करोड़ है. दोनों फि‍ल्मों के मेकर्स दो फीसदी रेट के हिसाब से अब तक का 40 करोड़ रुपए से ज्‍यादा इंटरेस्ट भर चुके हैं. इसी तरह इस साल आने वाली बाकी फि‍ल्मों पर भी इंटरेस्ट रेट का मीटर चालू है. इस तरह समझा जा सकता है कि यह रकम कितनी बड़ी है और फिल्म मेकर्स को इसका कितना ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

फिल्म इंडस्ट्री का कठिन समय

ग्लोबल मार्केटिंग एंड मीडिया पब्लिशिंग के अध्यक्ष विनोद भानुशाली का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए बड़ी फिल्मों का रिलीज होना संभव नहीं है. बॉलीवुड कैलेंडर फिर से प्रभावित होने जा रहा है. ईद के मौके पर मई में हम 'राधे' और 'सत्यमेव जयते 2' जैसी बड़ी फिल्मों को रिलीज करने की राह पर थे और मौजूदा स्थिति में हम उसकी नई तारीख के बारे में सोच रहे हैं. हालांकि फिल्म रिलीज होने की तारीख जब करीब आ जाएगी तो विचार करेंगे और उसके अनुसार निर्णय लेंगे. फिल्म रिलीज के मामले में इंडस्ट्री को एकजुट होना चाहिए.' फिल्म 'चेहरे' की रिलीज टालने वाले निर्माता आनंद पंडित का कहना है कि इस महामारी से निपटकर फिल्म इंडस्ट्री और ज्यादा मजबूत होगी. सिनेमा ऑनर्स एंड एंक्जीबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नितिन दातर ने कहा कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ेगा. वहीं, निर्देशक रोहित शेट्टी ने कहा कि टीम 'सूर्यवंशी' ने फिल्म की 30 अप्रैल की रिलीज तारीख को टालकर बड़ा और कठिन निर्णय लिया है.

80 फीसदी नीचे गिरा रेवेन्यू

बॉलीवुड ने साल 2019 में कुल 1833 फिल्में रिलीज़ की थीं. साल 2020 में केवल 441 फिल्में ही रिलीज हो पाईं. फिल्मों का थियेटर से आने वाला रेवेन्यू 80 फीसदी तक नीचे खिसक गया है. फिक्की की हाल ही की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एंटरटेनमेंट सेक्टर की कुल इनकम 24 फीसदी कम हुई है. पूरे लॉकडाउन पीरियड की बात करें, तो फिल्म इंडस्ट्री को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बॉक्स ऑफिस से फिल्म इंडस्ट्री को हर साल करीब 5 से 6 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर आता है. सैटेलाइट और ओटीटी राइट्स से करीब 8-9 हजार करोड़ रुपये मिलते हैं. इसमें म्यूजिक इंडस्ट्री की करीब 3-4 हजार करोड़ की हिस्‍सेदारी रहती है. इस वक्त इक्का-दुक्का फिल्मों को छोड़ दें, तो ज्यादातर फिल्में नेटफ्लिक्स, अमेजन, Zee5, Hot Star और MX Player जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सीधे रिलीज कर दी जा रही हैं. इससे बॉक्स ऑफिस और सैटेलाइट राइट्स के रूप में मिलने वाले करोड़ों रुपये का नुकसान अलग से हो रहा है.

कोरोना में फिल्मों का बिजनेस

कोरोना के दौर में भी कुछ फिल्में थिएटर में रिलीज करने का साहस किया गया पर नतीजा अच्छा नहीं रहा. मार्च से अब तक करीब आधा दर्जन फिल्‍में रिलीज हो चुकी हैं. हॉलीवुड फिल्‍म गॉडजिला वर्सेस कांग और हॉरर कॉमेडी फिल्‍म रूही को छोड़क‍र सभी फिल्‍में बॉक्‍स ऑफिस कलेक्‍शन में ढेर हो गईं. 25 मार्च को आई फिल्‍म गॉडजिला वर्सेस कांग अब तक भारत में 46 करोड़ से ज्‍यादा कमा चुकी है. वहीं, 11 मार्च को आई फिल्‍म रूही 23.25 करोड़, 'साइना' 1.16 करोड़, 'मुंबई सागा' 16.53 करोड़, 'संदीप और पिंकी फरार' महज 35 लाख रुपए का कारोबार ही कर पाई है. टाइम टू डांस, कोई जाने ना और फौजी कॉलिंग जैसी फिल्में तो कब रिलीज हुईं, लोगों को यह भी पता नहीं चला. फिल्म क्रिटिक्स का मानना है कि यदि नॉर्मल दिनों में ये फिल्में रिलीज होती तो, जितना अभी हुआ उससे तीन गुना बिजनेस कर लेतीं. इसी बीच अभी सबकी निगाहें सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'राधे' और कंगना रनौत की फिल्म 'थलाइवी' पर हैं. इन फिल्मों की रिलीज का क्या होगा?

'राधे' और 'थलाइवी' पर निगाहें

'ईद का कमिटमेंट था, ईद पर ही आयेंगे' इसी डायलॉग के साथ 'दबंग' सलमान खान ने अपनी फिल्म 'राधे' का पोस्टर रिलीज करते हुए लिखा था कि फिल्म अपने तय समय पर ही रिलीज होगी. उस वक्त किसी को पता नहीं था कि इस बार खुद कोरोना दबंग हो जाएगा. अब भाईजान अपने कमिटमेंट के बाद चाहे अपनी ही बात सुनें या ना सुनें पर पर हालात की आहट सुन रही इंडस्ट्री की सांसें इस सस्पेंस पे अटकी हुई हैं कि 'राधे' की रिलीज समय पर होगी या नहीं? इसका ट्रेलर फिल्म के निर्देशक प्रभु देवा के जन्मदिन पर 3 अप्रैल को लांच होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऐसे इस बात के अनुमान लगाए जा रहे हैं कि फिल्म की रिलीज शायद आगे बढ़ा दी जाए. इसी तरह कंगना रनौत की फिल्म 'थलाइवी' भी मझधार में फंस गई है. इसे 23 अप्रैल को रिलीज किया जाना है. लेकिन महाराष्ट्र सहित पूरे देश के हालात जिस तरह खराब हो रहे हैं, ऐसे में यह फिल्म भी तय समय पर रिलीज हो पाएगी, ये कहा नहीं जा सकता है. क्योंकि कोई फिल्म मेकर्स ऐसे समय में नुकसान उठाना नहीं चाहेगा.

थियेटर/मल्टीप्लेक्स बचाने की गुहार

फिल्म एग्जीबिटर अक्षय राठी का कहना है कि राज्य सरकारों को तुरंत सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स के बचाव में आगे आना चाहिए. इस सेक्टर के लोगों को पहले ही भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. लॉकडाउन में सिनेमाघरों को पूरी तरह से बंद करके और तमाम प्रतिबंधों को लगाकर संकट में डाल दिया गया. इसकी वजह से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गरीबी और भुखमरी का सामना करना पड़ा है. तमाम लोग बेरोजगार होने की वजह से अपने घर लौट गए, तो कुछ ने तो अपनी जिंदगी तक खत्म कर ली. ऐसे स्थिति में इस सेक्टर के हालात सुधारने के लिए सरकार से तीन अनुरोध किए गए हैं. 'तीन साल के लिए संपत्ति कर माफी', 'बिजली पर न्यूनतम मांग शुल्क की पूर्वव्यापी छूट' और 'पांच साल के लिए लाइसेंसों का स्वत: नवीनीकरण'. इन तीनों अनुरोधों को स्वीकार करके सरकार इस सेक्टर में काम करने वाले हजारों लोगों का जीवन बचा सकती है. कोरोन की वजह से दुनियाभर के सिनेमा उद्योगों को करीब 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है.

लेखक

मुकेश कुमार गजेंद्र मुकेश कुमार गजेंद्र @mukesh.k.gajendra

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार हैं.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय