टेक्नोलॉजी

 |  इंटरनेट का कीड़ा  |  4-मिनट में पढ़ें  |   22-10-2016

2002 में 'कर लो दुनिया मुट्ठी में' और 2016 में 'जियो दिल से' ये दोनों स्लोगन अपने आप में डिजिटल क्रांति के दौर के बारे में बताते हैं. रिलायंस के पहले स्लोगन की वजह से हर इंसान के हाथ में फोन आया और दूसरे के कारण भारत डिजिटल हो रहा है. अब देखिए सौ बात की एक बात अगर कोई चीज मुफ्त है तो भारत में उसका फायदा उठाना हर किसी का कर्तव्य है. चलो मान लिया जियो की स्पीड उतनी नहीं है जितनी का वादा किया गया था, लेकिन फिर दान की गई बछिया के दांत भी कोई गिनता है क्या?

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मुकेश अंबानी ने जियो के लिए जो वादे किए थे उसमें से कई पूरे नहीं किए. मसलन जियो की स्पीड सभी नेटवर्क ऑपरेटर्स के मुकाबले पांचवे नंबर पर है. TRAI कि वेबसाइट माय स्पीड के आंकड़ों के अनुसार एवरेज 4G जियो प्लान में 6.2mbps स्पीड मिलती है. अपलोड स्पीड के मामले में जियो भारत में छठवें स्थान पर है. हालांकि, इस रिपोर्ट में अगर देखा जाए तो कई सर्कल में जियो की स्पीड ज्यादा भी है.

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मुकेश जी... हमें फ्री 4जी दिया... खूब जियो.

अगर नहीं होता Jio तो...

हर कोई इस बात को लेकर चर्चा कर रहा है कि जियो की स्पीड कम है पर अगर जियो नहीं होता तो भी क्या 4G का इस्तेमाल किया जाता? अब देखिए जियो ने जब सिम और प्लान घोषित किए तब हर कोई पगला गया. तब देखकर अचरज हुआ जब 40 हजार का फोन रखने वालों ने भी बताया कि जियो की सिम के लिए वो भी लाइन में लगा था. अब सवाल यही है कि वो भी अगर जियो ना आया होता तो 3G का इस्तेमाल कर रहा था. उससे तो बेहतर स्पीड ही फ्री में मिल रही है.

'जियो' ने क्या बदला जिंदगी में...

जियो के आने के बाद से कई चीजों में बदलाव आया है. लोग अब डिजिटल हो रहे हैं. जैसे -

1. पहले गाने कई मिनटों के इंतजार के बाद डाउनलोड किए जाते थे अब देखिए बाकायदा यूट्यूब से स्ट्रीम होते हैं.

2. पहले हॉटस्पॉट लिया जाता था और अब दिया जाता है.

3. जियो के बाद से तो मां और दादी भी हाईटेक हो गई हैं, पहले जो वॉइस कॉलिंग में खुश हो जाती थीं अब वीडियो कॉलिंग से नीचे बात नहीं करतीं.

4. जहां 4GB डेटा के लिए सोचा करते थे अब 30GB भी खत्म कर देते हैं और उफ्फ तक नहीं करते.

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TRAI और जुर्माना...

अब जियो को लेकर ट्राई ने आइडिया, वोडाफोन और एयरटेल पर 50 करोड़ रुपए प्रति सर्कल के हिसाब से जुर्माना लगाया है. आखिरकार कस्टमर की पीड़ा को समझ ही लिया गया. कुल मिलाकर 3,050 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा है.

इन मामलों में जियो नहीं है सही...

जियो हर मामले में सही नहीं है. कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए. जैसे कि जियो टीवी, जियो सिनेमा एप, जियो म्यूजिक एप और पर्सनल डिजिटल वॉलेट जैसे एप्स यानी पूरा जियो डिजिटल सूट 15000 रुपए प्रति साल के सब्सक्रिप्शन पर मिलेगा. ये कुछ-कुछ AOL जैसे ईकोसिस्टम की तरह है. इसका मतलब कि ऐसा एप सूट जिसमें सभी एप्स एक कंपनी के हैं अगर इतिहास खुद को दोहराता है तो देखा गया है कि ऐसे पैकेज अक्सर फेल हो जाते हैं.

अब देखिए जियो सिनेमा एप ऐसा कुछ नहीं दे रहा जो अभी हॉटस्टार और आमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध ना हो. दूसरी ओर क्या रिलायंस जियो सूट नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों पर खरा उतर रहा है? तीसरी बात पर गौर करिए जरा... रिलायंस जियो में सभी पैक्स 28 दिनों की बिल साइकल में है, ये कुछ-कुछ ऐसा है कि आपको साल के 12 महीने में 13 बार बिल भरना होगा. हालांकि, प्रीपेड टैरिफ पैक्स में भी यही होता है और जो बड़ा सपना दिखाया गया है उसमें ये बड़ी छोटी सी कीमत लगती है.

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चौथी बात पर ध्यान दिया जाए तो वो फोन्स जो पुराने हैं और जिनमें VOLTE सपोर्ट नहीं है वो जियो वॉइस 4G कॉलिंग एप के बिना तो कॉल ही नहीं कर सकते हैं. अब ये सबसे बड़े घाटे की ओर इशारा कर रहा है. भले ही रिलायंस जियो में कॉल्स लाइफ टाइम फ्री भी हो जाए तो भी आपको डेटा का पूरा पैसा देना होगा. फिर इसे इंटरनेट कॉलिंग क्यों ना माना जाए? इसके कारण तो फ्री वॉइस कॉल्स बहुत से नए यूजर्स के लिए बेमानी है.

दी जाएगी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि...

देखिए जो भी हो जियो ने एक आदत तो लगा दी है अपनी. अब बातें की जा रही हैं कि 3 दिसंबर से ही जियो वेलकम ऑफर बंद हो जाएगा. अगर ऐसा होता है तो लोगों के दिल तो टूटेंगे ही, लेकिन देखने वाली बात ये होगी कि जियो अपने यूजर बेस को किस हद तक एक जैसा रख पाता है. और किस क्वालिटी के साथ. लेकिन तब तक फ्री सेवाओं के लिए थैंक-यू.

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